धर्म और संस्कृति की शाश्वत नगरी काशी एक बार फिर अपने प्रिय जनप्रतिनिधि के स्वागत में पलकें बिछाए खड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार की अल सुबह बाबा विश्वनाथ के दरबार में अपनी हाजिरी लगाएंगे। आस्था के इस समागम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उनके साथ मौजूद रहेंगे, जो इस आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ाएगा।
दिव्य दर्शन और पूजन का विधान
बुधवार की सुबह लगभग 7 बजे, जब सूर्य की पहली किरणें गंगा के घाटों को स्पर्श करेंगी, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शीश नवाएंगे। यहाँ वे राष्ट्र की समृद्धि और कल्याण के लिए विशेष पूजन-अर्चन संपन्न करेंगे। मंदिर प्रशासन और स्थानीय प्रशासन ने इस आध्यात्मिक दौरे के लिए सुरक्षा और व्यवस्था के अत्यंत कड़े और पुख्ता प्रबंध किए हैं।
स्वागत का अनूठा उल्लास: फूलों की वर्षा और शंखनाद
भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल के अनुसार, प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए बरेका से लेकर बाबा के दरबार तक के मार्ग को किसी उत्सव की भांति सजाया गया है। पार्टी ने इस पूरे मार्ग पर पाँच प्रमुख स्वागत केंद्र (प्वॉइंट्स) निर्धारित किए हैं:
-
मंडुआडीह और पुलिस लाइन: यहाँ उत्साह का प्रथम चरण दिखाई देगा।
-
लहुराबीर और मैदागिन: यहाँ की जनता और कार्यकर्ता जोश से भरे होंगे।
-
चौक और मंदिर गेट: अंतिम पड़ाव जहाँ भक्ति और उल्लास चरम पर होगा।
इन स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ता ढोल-नगाड़ों की थाप, शंखों की मंगल ध्वनि और गुलाब की पंखुड़ियों की वृष्टि के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री, विभिन्न जन-प्रतिनिधि और काशी की प्रबुद्ध जनता इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनेगी।
