‘नाम देखा, रोल नंबर देखना भूली…’, UPSC में 113वीं रैंक पर गलत दावा करने वाली शिखा कैसे खा गई गच्चा? मायूस है परिवार

Sanchar Now
3 Min Read

बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर की शिखा को यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा 2025 में 113वीं रैंक नहीं मिली थी। वह रोहतक की शिखा है। दरअसल, बुलंदशहर की शिखा ने पहले यूपीएससी परीक्षा में सफलता का दावा किया था। वहीं, रोहतक की शिखा ने भी सफलता के दावे किए। यूपीएससी की 113वीं रैंक को लेकर दो अभ्यर्थियों के दावे पर सवाल खड़े हुए। दरअसल, इससे पहले आकांक्षा सिंह के नाम पर बिहार के आरा और यूपी के गाजीपुर से दावे सामने आए। इसमें यूपीएससी ने गाजीपुर की आकांक्षा को 301वीं रैंक मिलने की स्थिति स्पष्ट की। हालांकि, बुलंदशहर और रोहतक की शिखा में किसे 113वीं रैंक, सवाल का जवाब मिल गया है। बुलंदशहर की शिखा ने स्वयं अपनी गलती मानते हुए दावा छोड़ दिया है।

चतुर्थवर्गीय कर्मी की बेटी का था दावा

बुलंदशहर की चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की बेटी शिखा ने 113वीं रैंक पाने का दावा किया गया था। रोहतक की शिखा ने इसे गलत बताते हुए 113वें स्थान पर अपने चयन की बात कही थी। गाजीपुर की आकांक्षा सिंह का मामला गरमाने के बाद इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई। इसके बाद बुलंदशहर सदर तहसील प्रशासन ने मामले की गहनता से जांच की तो परिजन संतोषजनक प्रमाण नहीं दे सके। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, परिजनों ने दुख जताते हुए रोहतक की शिखा की रैंक को सही बताया है।

दरअसल, मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली शिखा ने चयन को लेकर सोशल मीडिया पर कई प्रमाण भी रखे थे। दिल्ली की शिखा अभी हरियाणा में ब्लॉक विकास एवं पंचायत अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। वे रोहतक में पोस्टेड हैं। इस मामले के सामने आने के बाद बुलंदशहर से शिखा के परिजनों ने रोहतक की शिखा को फोन कर खेद जताया।

पढ़ें  सीएम योगी की गांवों में रोजगार के लिए ठोस पहल, लगेगी चौपाल, अफसरों को यह निर्देश

सामने आई कैंडिडेट

बुलंदशहर से यूपीएससी परीक्षा में शामिल हुई शिखा ने मीडिया के सामने आकर अब सच स्वीकार किया है। शिखा ने कहा कि असल में रोहतक की शिखा ने 113वीं रैंक हासिल की है। उन्होंने कहा कि यूपीएससी में जो चुनी गई है वह शिखा अलग है। उन्होंने कहा कि नाम को लेकर कंफ्यूजन हो गया। हम दोनों के नाम एक जैसे हैं। रिजल्ट की जांच के दौरान मैंने पीडीएफ में केवल नाम चेक किया था। मैंने रोल नंबर चेक नहीं किया था, यह मेरी गलती थी। दरअसल, 8 मार्च को शिखा के भाई मोनू सिंह ने बहन की सफलता को लेकर दावे किए थे।

पिता ने भी दी सफाई

शिखा के पिता ने इस मामले में कहा है कि मैं उस दिन हॉस्पिटल में था। बेटी ने फोन कर सेलेक्शन की सूचना दी। हमलोग खुश हो गए। बड़ा बवाल खड़ा हो गया। रिजल्ट देखने के दौरान मेरी बेटी ने रोल नंबर चेक नहीं किया था। इस कारण पूरा कंफ्यूजन शुरू हुआ। यह गलती मेरी बेटी की थी।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment