‘सेकंड ओपिनियन हमारे लोकतंत्र में बहुत बड़ा योगदान’, राज्यसभा में बोले पीएम मोदी

Sanchar Now
4 Min Read

इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच राज्यसभा के 59 सदस्य सेवानिवृत्त हो रहे हैं। इनमें 20 राज्यों के अलग-अलग दलों के सांसद शामिल हैं। इनमें 9 महिला सदस्य भी शामिल हैं। इस सेवानिवृत्ति पर बुधवार को राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह एक ऐसा अवसर है जो हर दो वर्ष में इस सदन को भावुक क्षणों से भर देता है।

उन्होंने सभापति सीपी राधाकृष्णन से कहा, इस विशेष अवसर पर आपने मुझे अपनी भावनाएं व्यक्त करने का जो अवसर दिया है, उसके लिए मैं आपका हृदय से आभारी हूं। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, उपसभापति हरिवंश भी सेवानिवृत्त हो रहे सांसदो में शामिल हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में कहा, इस सदन में अनेक विषयों पर चर्चाएं होती हैं। हर सदस्य का योगदान महत्वपूर्ण होता है। खट्टे-मीठे अनुभव भी होते हैं, लेकिन जब विदाई का क्षण आता है, तो स्वाभाविक रूप से हम सब दलगत भावनाओं से ऊपर उठ जाते हैं और एक साझा भावना उभरती है कि हमारे साथी अब नई जिम्मेदारियों की ओर अग्रसर हो रहे हैं। यहां से जो साथी विदा ले रहे हैं, उनमें कुछ पुनः लौटने की संभावना के साथ जा रहे हैं, तो कुछ अपने अनुभवों को समाज जीवन में नए रूप में योगदान देने के लिए आगे बढ़ेंगे।

प्रधानमंत्री ने राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उपसभापति हरिवंश जी ने भी लंबे समय तक इस सदन की गरिमा को बनाए रखते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। उनका शांत स्वभाव, मृदुभाषिता और सभी का विश्वास जीतने की क्षमता सदैव प्रेरणादायक रही है। मैंने यह भी देखा है कि कठिन परिस्थितियों में अक्सर सदन के संचालन की जिम्मेदारी उनके कंधों पर आती है, जिसे उन्होंने अत्यंत कुशलता से निभाया है। सदन के बाहर भी उपसभापति ने देश के विभिन्न कोनों में जाकर युवाओं से संवाद किया, उन्हें देश की परिस्थितियों से अवगत कराया और उनमें राष्ट्र के प्रति जागरूकता जगाने का कार्य किया। वे न केवल कलम के धनी हैं, बल्कि कर्मठ व्यक्तित्व के रूप में भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई है।

पढ़ें  कर्नाटक गवर्नर ने स्वीकार किया सिद्धारमैया का इस्तीफा, डीके शिवकुमार सरकार का रास्ता साफ

प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि जो सदस्य इस बार नहीं जा रहे हैं, वे नए आने वाले सदस्यों को अपने अनुभवों से समृद्ध करेंगे, और नए सदस्य भी अपनी ऊर्जा और नए विचारों से इस सदन को और अधिक सशक्त बनाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, “अंत में, मैं एक महत्वपूर्ण बात कहना चाहूंगा कि लोकतंत्र में सेकंड ओपिनियन की बहुत बड़ी भूमिका होती है।

जैसे हम अपने व्यक्तिगत जीवन में किसी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले किसी अनुभवी व्यक्ति से सलाह लेते हैं, उसी प्रकार इस सदन में भी विभिन्न सदस्यों के विचार और दृष्टिकोण मिलकर बहस को व्यापक बनाते हैं। यही विविधता हमारे लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इसी भावना के साथ, मैं सभी सेवानिवृत्त हो रहे माननीय सदस्यों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता हूं और उनके योगदान के लिए हृदय से धन्यवाद देता हूं।”

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment