संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा वेस्ट और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए बहुप्रतीक्षित राहत का समय अब करीब आता दिखाई दे रहा है। 130 मीटर चौड़ी सड़क पर तिलपता और मकोड़ा गोलचक्कर के बीच तैयार किए गए फ्लाईओवर का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। यदि अंतिम तकनीकी परीक्षण सफल रहते हैं तो आगामी 15 जून से इस फ्लाईओवर को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा।
दरअसल, यह फ्लाईओवर पिछले कई वर्षों से क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में शामिल रहा है। निर्माण कार्य में विभिन्न कारणों से देरी होने के चलते स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। अब परियोजना अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और इसके शुरू होने से क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
वर्तमान में मकोड़ा गोलचक्कर और तिलपता चौराहे के आसपास सुबह और शाम के समय भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिलता है। कार्यालय जाने वाले कर्मचारी, छात्र और व्यावसायिक गतिविधियों से जुड़े लोग अक्सर लंबे जाम में फंस जाते हैं। फ्लाईओवर चालू होने के बाद वाहनों की निर्बाध आवाजाही संभव होगी, जिससे यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी।
इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ गौर सिटी, नोएडा एक्सटेंशन, एकोटेक, सूरजपुर, तिलपता और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि फ्लाईओवर शुरू होने के बाद सड़क नेटवर्क अधिक व्यवस्थित होगा और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
जानकारों का मानना है कि फ्लाईओवर के संचालन से न केवल जाम की समस्या कम होगी बल्कि आसपास के अंडरपास और संपर्क मार्गों पर भी यातायात का दबाव घटेगा। लंबे इंतजार के बाद अब यह परियोजना ग्रेटर नोएडा के विकास की नई पहचान बनने की ओर बढ़ रही है।
