संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने “बदलाव : हम प्लास्टिक का उत्पादन, उपभोग और निपटान कैसे करते हैं, इसे नए सिरे से सोचें” विषय पर नौ दिवसीय जन-जागरूकता अभियान चलाया। यह अभियान 8 से 16 दिसंबर तक आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य जिम्मेदार प्लास्टिक उपयोग और स्वच्छता के प्रति नागरिकों को प्रेरित करना था।
दरअसल, सीईओ एन.जी. रवि कुमार के निर्देश पर प्राधिकरण के स्वास्थ्य विभाग और एनजीओ ‘नेचर बॉडीज’ ने सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एजुकेशन (CEE), एचडीएफसी बैंक और ब्लू प्लैनेट एनवायरनमेंटल सोल्यूशन के सहयोग से इस पहल को आगे बढ़ाया। अभियान के दौरान शहरभर में 250 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे लगभग एक लाख से अधिक लोगों तक संदेश पहुंचाया गया।

इन कार्यक्रमों में 20 आरडब्ल्यूए, 50 बाजार, चार स्कूल, दो अस्पताल, 10 उद्योग और दो होटल सहित विभिन्न वर्गों को जोड़ा गया। नुक्कड़ नाटक, माइम शो, रैली, थीम आधारित नृत्य, क्विज़ और घर-घर संवाद के जरिए सिंगल-यूज़ प्लास्टिक से बचाव, कचरा पृथक्करण और स्वच्छ परिवेश के संदेश को रोचक ढंग से प्रस्तुत किया गया। “हरा गीला, नीला सूखा” जैसे नारे लोगों को कचरा अलग करने की सरल विधि समझाने में प्रभावी रहे।
दुकानदारों और नागरिकों को प्लास्टिक के बजाय टिकाऊ विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और 500 से अधिक कपड़े के थैले वितरित किए गए। इकोटेक-3 स्थित चौधरी केशराम इंटर कॉलेज में विशेष सफाई अभियान में 100 स्वयंसेवकों ने 70 किलोग्राम कचरा एकत्र किया। अभियान में प्राधिकरण के अधिकारियों—प्रधान महाप्रबंधक संदीप चंद्रा, वरिष्ठ प्रबंधक चेतराम सिंह, सहायक प्रबंधक कुलदीप शर्मा और गौरव बघेल आदि ने सहभागिता की। एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस ने दुकानदारों से डस्टबिन रखने और सिंगल-यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करने की अपील करते हुए कहा कि स्वच्छ और हरित ग्रेटर नोएडा हम सभी की जिम्मेदारी है।

