इटावा। खुद को आइएएस अधिकारी बताकर गोरखपुर के एक परिवार की युवती से शादी करने वाला अर्जुन उर्फ प्रीतम निषाद मूल रूप से जिले के बकेवर के अंदावा की मड़ैया का रहने वाला है। वह कोई आइएएस अधिकारी नहीं है, सिर्फ हाईस्कूल पास है।
यही नहीं, उसकी पहले शादी भी हो चुकी थी। यहां तक कि उसने पहली पत्नी को तलाक भी नहीं दिया था। इकदिल के लुधियात मुहल्ले में जीजा के घर के पास ले रखे किराए के मकान को खुद का मकान होने का दावा कर उसने परिवार को धोखे में रखकर शादी रचाई थी।
फर्जी आइएएस अधिकारी बनने वाले प्रीतम निषाद की यह सच्चाई शादी के बाद गोरखपुर के परिवार के सामने तब आई, जब परिवार शादी के बाद अपनी बेटी की विदाई चौथी चलाने के लिए इकदिल आए और झूठ से लिखी गई इबारत विदाई के अगले ही दिन ढह गई।
सच्चाई सामने आते ही वधू पक्ष ने जमकर हंगामा किया और अपनी बेटी को वापस ले गए। आरोपित फर्जी आइएएस भी फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।
फरार ”साहब” की तलाश में पुलिस
सच्चाई उजागर होने के बाद से ही ”फर्जी आइएएस” प्रीतम निषाद फरार है। गांव अंदावा की मड़ैया से लेकर लुधियात मुहल्ले तक इस जालसाजी की चर्चा जोरों पर है। पुलिस अब धोखेबाज जालसाज आरोपित के ठिकानों पर दबिश दे रही है ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके।
प्रीतम की सगी बहन के पति भानु निषाद जो मछली का व्यापार करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रीतम ने पूरे परिवार को शर्मसार किया है और फर्जी तरीके से गुमराह करके यह शादी नहीं की, बल्कि धोखाधड़ी की सारी हदें पार कर दीं।
उन्होंने बताया कि प्रीतम न सिर्फ खुद को आइएएस अधिकारी बताया, बल्कि शादी के लिए अपने माता-पिता तक को मृत बताया। जबकि वह दोनों अभी जिंदा हैं।
पहले से है औरैया में ससुराल
चौंकाने वाली बात यह है कि प्रीतम पहले से ही विवाहित है। उसकी पहली शादी जनपद औरैया के ग्राम दौलतपुर में शालू नाम की युवती से हुई थी।
बिना तलाक दिए उसने दूसरी शादी रचाकर कानून की भी धज्जियां उड़ाई हैं। सीओ सिटी अभय नारायण राय ने बताया धोखाधड़ी कर शादी करने वाले प्रीतम निषाद की तलाश की जा रही है।
