नोएडा। सेक्टर-24 थाने की पुलिस ने रुपये के लेनदेन में किशोर की गला दबाकर हत्या के मामले में बुधवार को तीनों नाबालिगों को पकड़ लिया, लेकिन मंगलवार सुबह से पोस्टमार्टम हाउस पर बैठी मां और परिजन आरोपियों के एनकाउंटर के बाद ही शव लेने की मांग पर अड़े रहे। पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने में विफल होने पर देर शाम सांसद डॉ. महेश शर्मा की ओर से न्याय दिलाने के आश्वासन पर परिजनों ने 36 घंटे बाद शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सेक्टर-20 निवासी 14 वर्षीय आयुष शुक्ला केंद्रीय विद्यालय में कक्षा आठ में पढ़ता था। उसका शव 21 अगस्त की शाम सेक्टर-54 स्थित पार्क के जंगल में मिला था। शव कई दिन पुराना होने के चलते सड़ी-गली हालत में था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद सुरक्षित रखवा दिया। परिजनों ने 25 अगस्त को शव की शिनाख्त की। परिजनों ने पुलिस को बताया कि 16 अगस्त की शाम आयुष को उसके तीन दोस्त जन्मदिन की पार्टी में बुलाकर ले गए थे। इसके बाद आयुष नहीं लौटा।
पुलिस द्वारा हत्या का खुलासा
पुलिस के मुताबिक, रुपये के लेनदेन को लेकर आयुष और तीनों आरोपियों के बीच कहासुनी हुई और आरोपियों ने आयुष की गला दबाकर हत्या कर दी और शव को सेक्टर-54 के जंगल में सुनसान स्थान पर छोड़ दिया। तीनों आरोपी घटना के बाद फरार हो गए। नाबालिग आरोपियों में दो भाई विशेष समुदाय के हैं। पुलिस ने बुधवार को सेक्टर-21ए स्थित नोएडा स्टेडियम के गेट नंबर-4 से आरोपियों को अभिरक्षा में ले लिया। तीनों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में बाल सुधार गृह भेज दिया।
शव की सुपुर्दगी में देने पर पुलिस का पसीना छूटा
आयुष की हत्या के बाद शव को सुपुर्दगी में देने में पुलिस का पसीना छूट गया। आयुष की मां योगमाया ने न्याय मिलने तक शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। मंगलवार सुबह से सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठी मां की मांग थी कि उसके इकलौते बेटे के हत्या करने वालों का एनकाउंटर किया जाए, तभी वह शव लेकर जाएंगी। martes दिनभर पुलिस अधिकारी समझाने में नाकाम रहे। बुधवार को भी मां इसी मांग पर अड़ी रही। इस दौरान भारी पुलिसबल मौजूद रहा और उनकी मान-मनौव्वल चलती रही। इस मौके पर अपर पुलिस आयुक्त राजीव नारायण मिश्रा, डीसीपी साद मियां खान समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
सांसद के आश्वासन पर मानी पीड़िता
बुधवार सुबह से शहर के कई लोग आयुष की मां योगमाया को समझाने और अंतिम संस्कार के लिए मनाने पहुंचे, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ी रहीं। पीड़िता को समझाने में पुलिस अधिकारियों के अलावा कई चिकित्साधिकारी और भाजपा के नेता पहुंचे, लेकिन वह नहीं मानीं। शाम के समय गौतमबुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने परिजनों को न्याय और आर्थिक मदद दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद वे माने और शव को सुपुर्दगी में लेकर अंतिम संस्कार कर दिया। सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद कराई जाएगी और उन्हें न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने परिजनों से वार्ता की, जिसके बाद वह अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुए और अपने बेटे का अंतिम संस्कार किया।
आयुष की मां बोली, बेटियां किस राखी बांधेंगी
घटना के बाद आरोपियों के साथ-साथ आयुष की मां पुलिस की कार्यशैली से बेहद नाराज दिखीं। उन्होंने कहा कि आयुष का शव 21 अगस्त की रात जंगल से सड़ी-गली हालत में बरामद हुआ था। शव मिलने के बावजूद पुलिस ने उन्हें जानकारी नहीं दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुझे न्याय दिलाएं। उन्होंने कहा कि उनकी दोनों बेटियां बार-बार पूछ रही हैं कि आयुष कहां गया, लेकिन उनके पास उन्हें बताने के लिए कोई जवाब नहीं है। शुक्रवार को मनाए जाने वाले रक्षाबंधन पर बेटियां किसकी कलाई पर राखी बांधेंगी।
हिंदू संगठन से जुड़े लोगों कीं भड़ाऊ टिप्पणी
पोस्टमार्टम हाउस पर न्याय की मांग को लेकर बैठी आयुष की मां को सांत्वना देने बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। इसी बीच हिंदू संगठन के कुछ लोग भी वहां पहुंचे। उन्हें दो हत्यारोपियों के विशेष समुदाय से होने को लेकर कई भड़काऊ टिप्पणी की। माहौल खराब न हो, इसके लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिसबल मौजूद रहा। वहां मौजूद सामाजिक लोगों ने भड़काऊ टिप्पणी करने वालों को समझाकर भेज दिया।
