बदायूं के पते पर खरीदे सिम से दी गई थी धमकी, दोस्त को फंसाने के लिए बनाया था प्लान

Sanchar Now
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मुंबई को आरडीएक्स से दहलाने की धमकी देने के मामले में नोएडा से गिरफ्तार आरोपी अश्विनी कुमार से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। आरोपी ने बताया कि दोस्त को फंसाने और लोगों में डर पैदा करने के लिए उसने सोसाइटी के पूर्व सिक्योरिटी गार्ड अंकित गुप्ता के नाम से सिम कार्ड निकलवाया था। उसी नंबर से उसने मुंबई पुलिस को मैसेज भेजा था। आरोपी ने मुंबई में रहने वाले अपने एक दोस्त से मुंबई पुलिस कंट्रोल रूम का नंबर लिया था।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नए सिम और नए मोबाइल से संदेश भेजने के बाद आरोपी अश्विनी कुमार ने मोबाइल बंद कर दिया। ऐसे में लोकेशन के बारे में सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही थी। नोएडा पुलिस ने सबसे पहले सर्फाबाद के उस वेंडर का पता लगाया, जहां से सिम निकलवाई गई थी। दुकान के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। यहां से व्यक्ति की पहचान हुई। पुष्टि के लिए पुलिस टीम एक दुकानदार के पास गई। आरोपी अक्सर उसके पास जाता था। वहां से पुलिस को आरोपी के घर सामान देने वाले डिलिवरी ब्वॉय का नंबर मिला। फिर डिलिवरी ब्वॉय को साथ लेकर पुलिस ने आरोपी के फ्लैट पर छापा मारा। पुलिस की कड़ाई से पूछताछ में उसने आरडीएक्स से धमाके का संदेश भेजने की बात स्वीकार कर ली। फ्लैट से वह मोबाइल मिल गया, जिसका इस्तेमाल मैसेज भेजने में किया था।

पत्नी से विवाद चल रहा : आरोपी के तीन बच्चे हैं। पत्नी अर्चना बीते कई महीने से दो बच्चों के साथ पति से अलग रह रही है। एक बेटी अपने दादा-दादी के साथ रहती है। अश्विनी की चार बहनें हैं, जिनमें से दो विदेश में रहती हैं। माता-पिता की पेंशन से ही घर का खर्च चलता है। फ्लैट आरोपी के पिता सुरेश कुमार के नाम से है। मामले को लेकर आईबी की टीम ने भी नोएडा पुलिस से जानकारी जुटाई। आरोपी को दबोचने में मदद करने वाली स्वॉट टीम को पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने 25 हजार इनाम दिया है।

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रिमांड पर लेगी पुलिस : मुंबई पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, आरोपी से विस्तृत पूछताछ के लिए न्यायालय के समक्ष पुलिस कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी लगाई जाएगी।

बीते माह गिरफ्तार हुआ था आतंकी: अगस्त में एटीएस ने सेक्टर-63 थानाक्षेत्र से आतंकी जीशान को दबोचा था। मेरठ निवासी जीशान एक आतंकी संगठन से सोशल मीडिया के जरिये जुड़ा हुआ था। अश्विनी की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम को लेकर जब आरोपी के सोसाइटी के लोगों से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने चुप्पी साध ली। अश्विनी के माता-पिता भी इस संबंध में कुछ नहीं बोल रहे।

बदला लेने के लिए दोस्त के नाम पर संदेश भेजा

आरोपी अश्विनी कुमार पटना के ही रहने वाले अपने दोस्त फिरोज से बदला लेना चाहता था। फिरोज ने फुलवारी शरीफ थाने में अश्विनी के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा में वर्ष 2023 में केस दर्ज कराया था। बिहार पुलिस ने अश्विनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। करीब 4 महीने सलाखों के पीछे रहने के बाद वह बाहर आया। फिरोज को फंसाने के लिए अश्विनी ने जिस नंबर से मैसेज भेजा, उस पर उसकी फोटो लगाई। प्रोफाइल में उसका नाम भी जोड़ा। संदेश के नीचे भी फिरोज का नाम लिखा।

मुंबई के साथी ने दिया कंट्रोल रूम का नंबर

पूछताछ में सामने आया कि बीते दिनों आरोपी की बात मुंबई निवासी एक दोस्त से हुई। उसने गणेश चतुर्थी पर जुटने वाली भीड़ के बारे में बताया। आरोपी अश्विनी के मांगने पर उसके दोस्त ने मुंबई पुलिस के कंट्रोल रूम का नंबर उसे दिया। इसके बाद आरोपी ने कुछ समय पूर्व नौकरी छोड़ने वाले सोसाइटी के सिक्योरिटी गार्ड से संपर्क किया। उसके दस्तावेज के माध्यम से आरोपी ने दो सिम और दो मोबाइल लिए। इसी का इस्तेमाल धमकी में किया गया। पुलिस ने 28 वर्षीय अंकित गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया।

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