वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 27 जून को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। आज शनि शुक्ल प्रदोष व्रत है।हिंदू पंचांग के अनुसार प्रत्येक चंद्र मास की दोनों त्रयोदशी तिथियों को प्रदोष व्रत रखा जाता है।
देखा जाए तो यह तिथि जब सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में आती है, तभी व्रत का दिन निश्चित होता है। विशेष रूप से सूर्यास्त के बाद त्रयोदशी और प्रदोष समय का मिलना शिव पूजा के लिए अत्यंत सटीक माना गया है।
ध्यान रहे कि जब प्रदोष व्रत शनिवार के दिन पड़ता है, तो उसे शनि प्रदोष कहते हैं। यह पावन उपवास जातक को जीवन में आने वाली विभिन्न समस्याओं और बाधाओं से मुक्ति दिलाने का संकेत देता है। शनिवार के स्वामी शनिदेव हैं। शास्त्रों के अनुसार, महादेव को शनिदेव का गुरु माना गया है। यही वजह है कि आज के दिन व्रत रखने से शनिदेव से जुड़े कष्ट दूर होते हैं।
शनि शुक्ल प्रदोष व्रत 2026
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ: 26 जून, रात 10 बजकर 22 मिनट तक
त्रयोदशी तिथि समाप्त: 28 जून, रात 12 बजकर 43 मिनट तक
प्रदोष पूजा मुहूर्त: शाम 07 बजकर 23 मिनट से रात 09 बजकर 23 मिनट तक
आज सूर्य देव मिथुन और चंद्र देव वृश्चिक राशि में विराजमान हैं। आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 27 June 2026) का समय समेत आदि जानकारी।
- तिथि: शुक्ल त्रयोदशी
- मास: ज्येष्ठ
- दिन: शनिवार
- संवत्: 2083
तिथि: शुक्ल त्रयोदशी – मध्यरात्रि 12 बजकर 43 मिनट (28 जून) तक, फिर चतुर्दशी
योग: साध्य – दोपहर 12 बजकर 32 मिनट तक, फिर शुभ
करण: कौलव – दोपहर 11 बजकर 32 मिनट तक
करण: तैतिल – मध्यरात्रि 12 बजकर 43 मिनट (28 जून) तक, फिर गरज
सूर्य और चंद्रमा की स्थिति
सूर्योदय का समय: प्रातः 05 बजकर 25 मिनट तक
सूर्यास्त का समय: सायं 07 बजकर 23 मिनट तक
चंद्रोदय का समय: सायं 05 बजकर 31 मिनट तक
चंद्रास्त का समय: मध्यरात्रि बाद 03 बजकर 33 मिनट (28 जून)
सूर्य और चंद्रमा की राशियां
सूर्य देव: मिथुन राशि में स्थित हैं
चन्द्र देव: वृश्चिक राशि में स्थित हैं
आज के शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11 बजकर 56 मिनट से दोपहर 12 बजकर 52 मिनट तक
अमृत काल: प्रातः 10 बजकर 31 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक
आज के अशुभ समय
राहुकाल: प्रातः 08 बजकर 55 मिनट से प्रातः 10 बजकर 39 मिनट तक
गुलिकाल: प्रातः 05 बजक 25 मिनट से प्रातः 07 बजकर 10 मिनट तक
यमगण्ड: दोपहर 02 बजकर 09 मिनट से सायं 03 बजकर 54 मिनट तक
आज का नक्षत्र
आज चंद्रदेव अनुराधा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
अनुराधा नक्षत्र: रात्रि 10 बजकर 11 बजे तक, फिर ज्येष्ठा
स्थान: 3°20’ वृश्चिक राशि से 16°40’ वृश्चिक राशि तक
नक्षत्र स्वामी: शनिदेव
राशि स्वामी: मंगलदेव
देवता: मित्र (तालमेल और मित्रता के देवता)
प्रतीक: कमल का फूल या सजा हुआ द्वार
सामान्य विशेषताएं: सुंदर बाल और पलकें, ईश्वर में आस्था, साहसी, बुद्धिमान, स्पष्टवादी, मेहनती, समाज में सम्मानित, आकर्षक व्यक्तित्व, थोड़े स्वार्थी, स्वतंत्र विचार और रिश्तों में गंभीर।
