रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का नोएडा पुलिस ने पर्दाफाश किया है. कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में अट्टा मार्केट स्थित कार्यालय से गिरोह की मास्टरमाइंड श्वेता सिंह उर्फ प्रिया समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि गिरोह अब तक 250 से अधिक युवाओं को अपना शिकार बना चुका है.
जस्ट डायल और पर्चों के जरिए फंसाते थे बेरोजगार
पुलिस के अनुसार गिरोह का संचालन नोएडा के सेक्टर-27 स्थित एक कार्यालय से किया जा रहा था. आरोपी सबसे पहले जस्ट डायल जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर नौकरी उपलब्ध कराने के विज्ञापन पोस्ट करते थे. इसके अलावा नोएडा के मेट्रो स्टेशनों, बाजारों और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्चे चिपकाकर और बांटकर बेरोजगार युवाओं तक अपनी पहुंच बनाते थे.
रजिस्ट्रेशन से मेडिकल तक, हर नाम पर वसूली
विज्ञापन देखकर संपर्क करने वाले अभ्यर्थियों को कॉल सेंटर बुलाया जाता था, जहां उन्हें नामी कंपनियों में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया जाता था. इसके बाद रजिस्ट्रेशन फीस, इंटरव्यू चार्ज, फाइल प्रोसेसिंग, यूनिफॉर्म और मेडिकल जांच के नाम पर अलग-अलग रकम वसूली जाती थी. पैसे जमा कराने के बाद कुछ दिनों में नियुक्ति पत्र देने का आश्वासन दिया जाता, लेकिन न नौकरी मिलती थी और न ही जमा की गई रकम लौटाई जाती थी.
चार महिलाओं समेत छह आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में श्वेता सिंह उर्फ प्रिया, नीजू यादव, कीर्ति सिंह उर्फ मीरा, पूजा, रूपेश कुमार और आमीर राणा को गिरफ्तार किया है. एडीसीपी मनीषा सिंह के मुताबिक, आरोपी करीब डेढ़ साल से अवैध कॉल सेंटर संचालित कर रहे थे और इसी माध्यम से बेरोजगार युवाओं को निशाना बना रहे थे.
छापेमारी में मिले अहम सबूत
कई पीड़ितों की शिकायत मिलने के बाद साइबर टीम ने जांच शुरू की और सूचना के आधार पर कॉल सेंटर पर छापा मारा. कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से तीन मोबाइल फोन, 11 फीस बुक, चार रसीद बुक, 22 प्रचार पंपलेट और 20 अभ्यर्थियों के भरे हुए आवेदन पत्र बरामद किए हैं.
बैंक खातों और नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस द्वारा बरामद दस्तावेजों और मोबाइल फोन के आधार पर पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह कब से सक्रिय था, ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में भेजी जाती थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं. पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.
