लक्सर: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) पेपर लीक प्रकरण में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की कार्रवाई जारी है. शनिवार सुबह एसआईटी ने पेपर लीक के मुख्य आरोपी खालिद के घर दबिश देकर परिजनों से पूछताछ की थी. देर शाम फिर एसआईटी खालिद के घर पहुंची और कार्रवाई की.
शनिवार को एसआईटी ने हरिद्वार के सुल्तानपुर स्थित मुख्य आरोपी खालिद के घर पर दो बार दबिश दी. टीम ने पहले उसके परिजनों से पूछताछ कर कुछ अहम जानकारियां जुटाईं. इसके बाद रात को दोबारा लौटकर संदिग्ध दस्तावेज और डाटा खंगाला. हालांकि, परिजनों से क्या पूछताछ हुई और एसआईटी ने किन दस्तावेजों को खंगाला, इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई.
जानकारी के मुताबिक, एसआईटी ने शनिवार को बहादरपुर गांव के उस स्कूल में भी दबिश दी, जहां खालिद का परीक्षा सेंटर था और प्रश्नपत्र बाहर आकर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. टीम ने स्कूल प्रशासन और स्टाफ से करीब तीन घंटे तक गहन पूछताछ की. इस दौरान स्कूल मालिक, क्लर्क और परीक्षा ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पेपर की सुरक्षा व्यवस्था और परीक्षा के दिन हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी ली गई.
वहीं एसआईटी हर एंगल से जांच करते हुए बार बार संबंधित लोगों से पूछताछ कर क्रॉस वेरिफिकेशन कर रही है. जांच अधिकारी डिजिटल सबूत, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डाटा खंगालने में जुटे हैं. एसआईटी की लगातार दबिश और कार्रवाई से क्षेत्र में खलबली मची है.
एसआईटी इंचार्ज जया बलूनी ने बताया कि खालिद के घर की तलाशी ली गई है. अहम दस्तावेज खंगाले गए हैं और जरूरी दस्तावेज कब्जे में लिए गए हैं. साथ ही जिस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया था, वहां भी स्टाफ से पूछताछ की गई है.
पूरा मामला 21 सितंबर को हुए यूकेएसएसएससी स्नातक स्तर के परीक्षा का है. जहां सुबह 11 बजे शुरू हुआ पेपर 11:35 बजे तीन प्रश्नपत्र बाहर आकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. इस मामले में पुलिस मुख्य आरोपी खालिद और उसकी बहन साफिया को गिरफ्तार कर चुकी है. जबकि असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. सुमन के पास ही सबसे पहले लीक प्रश्न पत्र के तीन पन्ने आए थे. आरोप है कि सुमन ने ये जानकारी सबसे पहले पुलिस को न देते हुए उत्तराखंड बेरोजगार संघ को दी.
सरकार इस मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन को निलंबित कर चुकी है. साथ ही परीक्षा सेंटर के सेक्टर मजिस्ट्रेट और एक एसआई समेत दो पुलिस कर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई कर चुकी है.
