संचार नाउ। यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के बीच सीधी कनेक्टिविटी का इंतजार अब खत्म होने वाला है। ग्रेटर नोएडा के जगनपुर-अफजलपुर गांव के पास दोनों एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए बन रहा इंटरचेंज निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। ताजा जानकारी के मुताबिक 15 अक्टूबर तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद जरूरी टेस्टिंग और ट्रायल के बाद इसे वाहनों के लिए खोले जाने की तैयारी है।
दरअसल, फिलहाल यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक-दूसरे को क्रॉस तो करते हैं, लेकिन दोनों के बीच सीधा आवागमन संभव नहीं है। वाहन चालकों को दूसरे रास्तों से होकर जाना पड़ता है। इंटरचेंज शुरू होने के बाद दोनों एक्सप्रेसवे के बीच सीधा लिंक मिलने से करीब 20 किलोमीटर तक का अतिरिक्त चक्कर कम होने की उम्मीद है। इससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
चार लूप और आठ रैंप से बनेगा इंटरचेंज
जगनपुर-अफजलपुर में तैयार हो रहे इस इंटरचेंज में चार लूप और आठ रैंप बनाए जा रहे हैं। इनकी कुल लंबाई करीब 13.308 किलोमीटर है और परियोजना लगभग 83 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जा रही है। हालिया रिपोर्ट में निर्माण लागत करीब 500 करोड़ रुपये बताई गई है। इंटरचेंज को यीडा की 60 मीटर चौड़ी सड़क से भी जोड़ा जाएगा।
नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी होगी आसान
इंटरचेंज शुरू होने के बाद गाजियाबाद, मेरठ, फरीदाबाद और पलवल की तरफ से आने वाले वाहनों को यमुना एक्सप्रेसवे और आगे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर जाने में सुविधा मिलेगी। इससे यमुना सिटी और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की उम्मीद है।
UP इंटरनेशनल ट्रेड शो को लेकर भी कवायद
25 सितंबर से शुरू हो रहे यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को देखते हुए यीडा इंटरचेंज को सीमित स्तर पर पहले खोलने के लिए एनएचएआई से प्रयास कर रहा है। हालांकि इसका अंतिम निर्णय एनएचएआई की अनुमति और सुरक्षा संबंधी तैयारियों पर निर्भर करेगा।
यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
इंटरचेंज के शुरू होने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा से आने वाले वाहन सीधे यमुना एक्सप्रेसवे की ओर बढ़ सकेंगे। इससे ग्रेटर नोएडा के आंतरिक मार्गों पर अनावश्यक ट्रैफिक दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है। फिलहाल परियोजना को अक्टूबर में शुरू करने का लक्ष्य है, लेकिन अंतिम रूप से यातायात शुरू होने की तारीख आधिकारिक अनुमति और ट्रायल के बाद ही तय होगी।
