देशभर के साथ उत्तराखंड में भी 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी भवनों में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। खास बात यह रही कि इस वर्ष राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने का ऐतिहासिक अवसर भी देश ने मनाया, जिसने समारोह को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया।
मुख्यमंत्री आवास और लोकभवन में हुआ ध्वजारोहण
सोमवार सुबह 9 बजे मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद प्रातः 9:30 बजे लोकभवन में राज्यपाल गुरमीत सिंह द्वारा तिरंगा फहराया गया। ध्वजारोहण के उपरांत मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री आवास के कर्मचारियों को संविधान की शपथ दिलाई और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं।
वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव
इस वर्ष का गणतंत्र दिवस विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे हुए। इस अवसर ने देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया और नागरिकों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों की याद दिलाई।
राज्यपाल ने गणतंत्र दिवस पर दिया प्रेरणादायी संदेश
राज्यपाल गुरमीत सिंह ने देश और प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन अमृत काल और राष्ट्रीय संकल्प की भावना को मजबूत करने वाला है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश की एकता और अखंडता के प्रति उनके योगदान को स्मरण किया।
भारत की बढ़ती वैश्विक सशक्तता पर जोर
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप संस्कृति, रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष तकनीक, हरित ऊर्जा और सैन्य शक्ति के क्षेत्र में भारत ने विश्व मंच पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। मेक इन इंडिया, आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया जैसे अभियानों के चलते भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में एक भरोसेमंद भागीदार बन चुका है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
समान नागरिक संहिता से महिला सशक्तीकरण को मिला बल
राज्यपाल ने कहा कि समान नागरिक संहिता को लागू कर उत्तराखंड ने संविधान निर्माताओं के सपने को साकार किया है। यूसीसी के माध्यम से महिलाओं को समान अधिकार और कानूनी सुरक्षा प्रदान की गई है। उत्तराधिकार, विवाह और अन्य सामाजिक विषयों में भेदभाव को समाप्त कर राज्य ने महिला सशक्तीकरण को नई संवैधानिक ऊंचाई दी है।
तकनीक को साधन के रूप में अपनाने की आवश्यकता
राज्यपाल ने तकनीकी युग की चर्चा करते हुए कहा कि डिजिटल इंडिया, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी भविष्य की वास्तविकताएं हैं, लेकिन तकनीक को लक्ष्य नहीं बल्कि साधन के रूप में अपनाना चाहिए। इसका उद्देश्य मानव जीवन को सरल, सुरक्षित और सशक्त बनाना होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दिलाया संविधानिक मूल्यों का संदेश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, संविधान निर्माताओं और राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस हमें न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे जैसे लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देता है।
2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने और उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा, जिससे प्रदेशवासियों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है।

