देहरादून। प्रदेश सरकार शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) में दक्ष बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक सतत व्यावसायिक विकास (सीपीडी) कार्यक्रम तैयार करने जा रही है। इस पहल का मकसद शिक्षकों को उन्नत डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित कर कक्षा शिक्षण को एआई आधारित नवाचारों से जोड़ना है, ताकि विद्यार्थियों के सीखने के परिणामों में ठोस सुधार सुनिश्चित किया जा सके।
भविष्य की शिक्षा के लिए समग्र रणनीति
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अनुसार, शिक्षा व्यवस्था में एआई की बढ़ती भूमिका को ध्यान में रखते हुए राज्य स्तर पर एक विस्तृत रणनीति बनाई जा रही है। इस योजना के अंतर्गत शिक्षकों को डिजिटल प्रशिक्षण मॉड्यूल, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और इंटरैक्टिव टूल्स के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण कार्यक्रमों में एआई के मूल सिद्धांत, डेटा आधारित शिक्षण पद्धति, पर्सनलाइज्ड लर्निंग और मूल्यांकन विश्लेषण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल किए जाएंगे, जिससे शिक्षण प्रक्रिया अधिक प्रभावी और आधुनिक बन सके।
राष्ट्रीय मॉडल पर आधारित होगा सीपीडी ढांचा
एससीईआरटी के एआई संकाय के वरिष्ठ शिक्षक रमेश बडोनी ने जानकारी दी कि हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एआई कार्यक्रम में सामने आई चुनौतियों और संभावित समाधानों के आधार पर राज्य में यह पहल लागू की जाएगी। एआई आधारित शिक्षण उपकरणों का चरणबद्ध परीक्षण किया जाएगा और जो मॉडल सफल साबित होंगे, उन्हें पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। साथ ही, राष्ट्रीय एआई ढांचे के अनुरूप राज्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक विशेष कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
राजकीय विद्यालयों में डेटा आधारित निर्णय प्रणाली
प्रदेश के 13,825 राजकीय विद्यालयों में एआई के माध्यम से शिक्षण को अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे न केवल शिक्षकों के कार्यभार में संतुलन आएगा, बल्कि विद्यार्थियों की सीखने की गति और समझ के स्तर के अनुसार अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा सकेगी। आने वाले समय में डिजिटल कक्षाएं, स्मार्ट कंटेंट और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को भी बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और परिणामोन्मुख बन सके।
एआई से शिक्षकों का सशक्तिकरण
उत्तराखंड अकादमी शोध एवं प्रशिक्षण की निदेशक बंदना गर्ब्याल ने बताया कि भारत मंडपम में आयोजित भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव 2026 में देश की एआई नीति को समावेशी, इंटरऑपरेबल और आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इस दौरान एआई को शिक्षकों के सशक्तिकरण के एक प्रभावी माध्यम के रूप में अपनाने का संकल्प लिया गया। राज्य में एससीईआरटी द्वारा संचालित विभिन्न डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के तहत अब तक 54 हजार में से 49 हजार शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।
विद्यार्थियों को मिलेगा सीधा लाभ
सीपीडी कार्यक्रम के माध्यम से राज्य में एआई आधारित नवाचारों को गति दी जाएगी। इसमें आधारभूत साक्षरता, अनुकूलन आधारित शिक्षण, बहुभाषी प्लेटफॉर्म और उन्नत मूल्यांकन प्रणालियों को शामिल किया जाएगा। इस पहल से प्रदेश के विद्यार्थियों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा तथा उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

