संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा में गैस की कमी और बढ़ती कीमतों से जूझ रहे प्रवासी श्रमिकों को राहत देने के लिए इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) और इंडस्ट्रियल एंटरप्रेन्योर एसोसिएशन (IEA) ने संयुक्त पहल की। एमएसएमई मंत्रालय और इंडेन गैस सेवा के सहयोग से विशेष कैंप लगाकर 5 किलो के एलपीजी सिलेंडरों का वितरण किया गया।
गैस की अनुपलब्धता के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कई श्रमिक पलायन करने को मजबूर हो रहे थे, जिससे उत्पादन पर असर पड़ रहा था। इस स्थिति को देखते हुए इंडस्ट्री संगठनों ने यह पहल शुरू की, जिससे श्रमिकों को तत्काल राहत मिली और उनके कामकाज में स्थिरता आई।

कैंप के माध्यम से श्रमिकों को केवल आधार कार्ड दिखाने पर 1550 रुपये में 5 किलो का एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। साथ ही, 15 दिन बाद एजेंसी पर जाकर इसकी रिफिलिंग की सुविधा भी सुनिश्चित की गई है। इस व्यवस्था से बाजार में हो रही कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी और असुरक्षित छोटे सिलेंडरों के उपयोग से होने वाले खतरे कम होंगे।
IEA के अध्यक्ष संजीव शर्मा ने बताया कि इस पहल से श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है और अब पलायन की स्थिति में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण गैस की किल्लत बढ़ी थी, जिसका सबसे ज्यादा असर प्रवासी मजदूरों पर पड़ा।
IIA के पूर्व अध्यक्ष जेएस राणा ने कहा कि संगठन लगातार श्रमिकों को गैस उपलब्ध कराने के प्रयास कर रहा है, जिससे उद्योगों में श्रमिकों की कमी न हो। वहीं, इंडेन गैस एजेंसी के प्रतिनिधि संचित गुप्ता ने बताया कि यह सिलेंडर पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप है।
इस पहल से न केवल श्रमिकों को राहत मिली है, बल्कि औद्योगिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
