सावन के पहले ही दिन कांवड़ यात्रा का हाल जानने पहुंचे मुख्य सचिव और डीजीपी, अफसरों को यह टॉस्क

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बरेली: श्रावण मास में कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए गुरुवार को बरेली में मुख्य सचिव एसपी गोयल और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने बरेली व मुरादाबाद मंडल के नौ जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में सुरक्षा, ट्रैफिक, महिला सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान नौ जिलों के डीएम और एसएसपी ने कांवड़ यात्रा को लेकर अपनी-अपनी तैयारियों का खाका पेश किया। मुख्य सचिव ने सभी विभागों और एजेंसियां को आपसी तालमेल के साथ काम करने का सलाह दी।

गंगा एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक प्रबंधन में मिलेगी मदद

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस दौरान कहा कि, शासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को सुरक्षित बनाना है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यात्रा को ‘जीरो इंसिडेंट और जीरो एक्सीडेंट’ के साथ संपन्न कराना है। उन्होंने बताया कि गंगा एक्सप्रेसवे से ट्रैफिक प्रबंधन में मदद मिलेगी। भारी वाहनों और सामान्य यातायात को सुचारू रखने के लिए यह अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

सभी सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश

कांवड़ मार्गों पर चल रहे निर्माण कार्यों को लेकर मुख्य सचिव ने कहा कि संबंधित विभागों को सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि इस बार महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मिशन शक्ति केंद्रों के माध्यम से विशेष सहायता शिविर लगाए जाएंगे, जहां जरूरत पड़ने पर महिलाओं को तत्काल मदद उपलब्ध कराई जाएगी।

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असामाजिक तत्वों पर रखी जाएगी नजर

डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान हादसों और अव्यवस्थाओं में कमी आई है। किसी भी अप्रिय घटना पर पुलिस और प्रशासन का त्वरित रिस्पांस रहेगा। यदि कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ने बताया कि श्रावण मास के तीसरे और चौथे सोमवार को सबसे अधिक भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक प्लान, पुलिस बल की तैनाती और अन्य व्यवस्थाओं की अलग से समीक्षा करके विशेष रणनीति तैयार की गई है।

डीजे पर सख्ती, 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगी आवाज

कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे संचालन को लेकर भी प्रशासन सख्त रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार डीजे की आवाज 75 डेसीबल से अधिक नहीं होगी। साथ ही डीजे के आकार को लेकर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। इसके लिए डीजे संचालकों और दुकानदारों को पहले ही नियमों की जानकारी देकर उनका पालन करने के निर्देश दिए जा चुके हैं।

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