मुरादाबाद। मुरादाबाद के कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह के सेवा विस्तार की अवधि शुक्रवार को पूरी होगी। जिसके बाद एक बार फिर से अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। बीते साल उनका एक साल कार्यकाल बढ़ा था जिसकी अंतिम तिथि 14 अगस्त की थी, जो शुक्रवार को पूरी हो रही है। देररात तक कोई नया आदेश नहीं आया। ऐसे में नए आदेश का सभी को इंतजार है।
प्रतिनियुक्ति के संबंध में कमिश्नर से बात की गई तब उन्होंने बताया कि मुझे कोई आदेश-निर्देश प्राप्त नहीं हुआ है। फिलहाल मैं 15 से छुट्टी पर हूं। कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह 2005 बैच के सिक्किम कैडर के आईएएस अफसर हैं। सिक्किम कैडर से प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर उन्हें लाया गया था।
प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर आने के बाद वह फतेहपुर, बुलंदशहर व मुरादाबाद मंडल के ही रामपुर जनपद के डीएम बने। पांच साल की प्रतिनियुक्ति पर प्रदेश आए कमिश्नर का बतौर रामपुर डीएम रहते साल 2020 में पहली बार एक साल का सेवा विस्तार मिला। फिर वह छह मार्च 2021 को मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर बने।
साल 2021 में दूसरी बार एक साल के लिए फिर उनका कार्यकाल बढ़ा। 2022 में तीसरी व 2023 में चौथी बार कार्यकाल बढ़ा। साल 2024 में छह-छह माह के लिए दो बार कार्यकाल बढ़ा। लगातार छह साल सेवा विस्तार के बाद बीते साल 2025 जब उनका कार्यकाल खत्म हुआ। तब एक बार फिर सेवा विस्तार को लेकर वह सुर्खियों में आए।
सातवीं बार 14 अगस्त तक के लिए उनका कार्यकाल बढ़ा, जो प्रशासनिक नियमों में दुर्लभ मिसाल बना। सातवीं बार बढ़ा कार्यकाल शुक्रवार को खत्म हो रहा है। बीते साल भी कार्यकाल खत्म होते ही वह छुट्टी पर चले गए थे। सेवा विस्तार के आदेश के बाद छुट्टी से वापस लौटे थे। एक बार फिर वह 14 अगस्त कर काम पर रहेंगे। 15 अगस्त से वह अवकाश पर रहेंगे। फिलहाल, नए आदेश पर सभी की निगाहें हैं।
सर्वाधिक साढ़े पांच एक ही कमिश्नरी के कमिश्नर का रिकार्ड
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह ने छह मार्च 2021 को मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर के रूप में कार्यभार गृहण किया था। मतलब करीब साढ़े पांच से वह मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर हैं। इस रिकार्ड के साथ वह पहले ऐसे आईएएस अफसर हैं जो एक ही कमिश्नरी में बतौर कमिश्नर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रदेश में अन्य किसी सीनियर आईएएस अफसर के खाते में यह रिकार्ड नहीं है।
आजम खां से चर्चा में आए, उन्हीं की कोर्ट में विश्वविद्यालय का भाग्य
कमिश्नर आंजनेय कुमार सिंह रामपुर के डीएम रहे। इसी दौरान सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां पर कार्रवाई से वह चर्चा में आए। आजम खां के ही रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों के ध्वस्तीकरण आदेश प्रकरण की उनके ही कोर्ट में सुनवाई चल रही है। जिस पर गुरुवार को भी सुनवाई हुई। मतलब यह कि विश्वविद्यालय का भाग्य भी कमिश्नर कोर्ट पर टिका है। जिस पर भी सभी की निगाहें हैं।
