उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है. इसको लेकर जहां एक तरह पार्टी ने सर्वे कराकर कैंडिडेट और जमीन की स्थिति का आंकलन शुरू कर दिया है. वहीं दूसरी ओर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के बीजेपी सांसदों के साथ एक एक करके मुलाक़ात कर रहे हैं और उनसे उनके क्षेत्र की जमीनी हकीकत और मुद्दों की जानकारी ले रहे हैं. अब तक 25 से ज्यादा यूपी के सांसदों के साथ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलाकात कर चुके हैं.
बीजेपी ने सर्वे के जरिए संभावित उम्मीदवारों और अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी की स्थिति का आकलन शुरू कर दिया है. सर्वे के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पार्टी की पकड़, संभावित उम्मीदवारों की स्थिति और चुनावी मुद्दों को लेकर फीडबैक जुटाया जा रहा है.
सांसदों से लिया जा रहा फीडबैक
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी उत्तर प्रदेश के सांसदों के साथ अलग-अलग मुलाकात कर रहे हैं. इन बैठकों में सांसदों से उनके लोकसभा क्षेत्रों की जमीनी स्थिति, स्थानीय मुद्दों, संगठन की स्थिति और जनता के बीच पार्टी को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, अब तक नितिन नवीन उत्तर प्रदेश के 25 से अधिक सांसदों के साथ अलग-अलग मुलाकात कर चुके हैं.इसमें यूपी के सभी 6 क्षेत्रों के सांसद शामिल हैं. बचे हुए सांसदों के साथ भी जल्दी ही बीजेपी अध्यक्ष मुलाकात करने वाले हैं.
कार्यकर्ताओं की अनदेखी का मुद्दा गर्माया
सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर सांसदों ने कार्यकर्ताओं की अनदेखी और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सांसदों और नेताओं की बातों को ना सुने जाने का मुद्दा रखा. सांसदों द्वारा बताया गया जिलो में तैनात अधिकारी पार्टी के सांसदों की सुनवाई नहीं करते और कार्यकर्ताओं के साथ भी ठीक व्यवहार नहीं करते. इसकी वजह से कार्यकर्ता अपने आप को उपेक्षित महसूस करते हैं.
इसी कारण से कार्यकर्ता बहुत एक्टिव होकर पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल भी नहीं हो रहा है. सांसदों ने नेतृत्व को बताया कि प्रदेश में तीसरी बार सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं के मुद्दों को एड्रेस करना बहुत जरूरी है.
राम मंदिर चढ़ाव चोरी भी मुख्य मुद्दा है
इसके अलावा राम मंदिर चढ़ावा चोरी, ब्राह्मणों की नाराज़गी जैसे मुद्दों पर भी सांसदों ने अपने अपने क्षेत्रों में क्या प्रभाव है उसको लेकर भी नेतृत्व को जानकारी दी है. साथ ही उनके क्षेत्र में ओबीसी और दलित मतदाताओं की क्या स्थिति है उसको लेकर भी जमीनी हकीकत की पार्टी को जानकारी दी है.
