संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा की आवासीय सोसाइटियों में आवारा कुत्तों को लेकर बढ़ते विवादों के समाधान के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की पहल रंग लाने लगी है। प्राधिकरण की ओर से आयोजित समन्वय बैठकों के क्रम में शुक्रवार को एडब्ल्यूएचओ (AWHO) और गोदरेज गोल्फ लिंक सोसाइटी में डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित करने पर सभी पक्षों के बीच सहमति बन गई। प्राधिकरण का मानना है कि इस व्यवस्था से सोसाइटी में रहने वाले लोगों और डॉग फीडर्स के बीच होने वाले विवादों में कमी आएगी।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एन. जी. रवि कुमार के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की अगुवाई में प्रत्येक बृहस्पतिवार को सोसाइटी और सेक्टरवार बैठक आयोजित की जा रही है। इन बैठकों का उद्देश्य आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्याओं का समाधान आपसी सहमति और निर्धारित नियमों के अनुरूप करना है।
महाप्रबंधक आर.के. भारती की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, संबंधित थाना पुलिस, जिला पशु क्रूरता निवारण समिति, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पशु चिकित्सक, एचसीएल फाउंडेशन, अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (AOA), एस्टेट मैनेजर और डॉग फीडर्स के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में सभी पक्षों के सुझावों पर चर्चा करते हुए डॉग फीडिंग प्वाइंट तय करने के साथ-साथ एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों की भी जानकारी दी गई।
प्राधिकरण ने 31 दिसंबर तक 24 सोसाइटियों में इस तरह की बैठकों का विस्तृत कार्यक्रम भी जारी किया है, ताकि चरणबद्ध तरीके से सभी स्थानों पर डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित किए जा सकें और विवादों का स्थायी समाधान निकाला जा सके।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) श्रीलक्ष्मी वी.एस. ने उम्मीद जताई कि इस पहल से सभी सोसाइटियों में सहमति के आधार पर डॉग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित होंगे और आवारा कुत्तों को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों का शांतिपूर्ण समाधान संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का लक्ष्य नागरिकों की सुरक्षा और पशु कल्याण के बीच संतुलन स्थापित करना है, ताकि दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
