संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों को रक्षाबंधन से पहले बड़ा तोहफा देते हुए जमीन के मुआवजे की दर में ऐतिहासिक बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब किसानों को जमीन खरीद के लिए 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा। इससे पहले यह दर 4125 रुपये प्रति वर्गमीटर थी। नई दर लागू होने से किसानों को प्रत्येक वर्गमीटर जमीन पर 2290 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
दरअसल, ग्रेटर नोएडा के इतिहास में पहली बार मौजूदा मुआवजा दर में इतनी बड़ी एकमुश्त बढ़ोतरी की गई है। एसीईओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि 4125 रुपये की मौजूदा दर के मुकाबले 6415 रुपये की नई दर करीब 55.5 प्रतिशत अधिक है। यानी जितनी अधिक जमीन किसान प्राधिकरण को देगा, नई दर के अनुसार उसे उतना ही अधिक मुआवजा प्राप्त होगा।
पहले कितना मिलता था, अब कितना मिलेगा?
वर्ष 2023-24 से किसानों को 4125 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिल रहा था। अब वर्ष 2026-27 के लिए इसे बढ़ाकर 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है।
मसलन, 1000 वर्गमीटर जमीन पर पहले किसान को 41.25 लाख रुपये मुआवजा मिलता था। अब इसी जमीन के लिए 64.15 लाख रुपये मिलेंगे। यानी किसान को 22.90 लाख रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इसी तरह 10,000 वर्गमीटर जमीन पर अतिरिक्त लाभ बढ़कर 2.29 करोड़ रुपये हो जाएगा।
2014 में 3500 रुपये थी मुआवजा दर
ग्रेटर नोएडा में मुआवजा दर में बढ़ोतरी का सफर भी खासा महत्वपूर्ण रहा है। वर्ष 2014-15 में किसानों को 3500 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर से मुआवजा मिलता था। वर्ष 2022-23 में यह दर बढ़कर 3750 रुपये और वर्ष 2023-24 में 4125 रुपये हुई। इसके बाद अब सीधे 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर मंजूर की गई है।
दस साल बाद फिर मिलेगा 6 प्रतिशत आबादी भूखंड
मुआवजा बढ़ाने के साथ ही किसानों के लिए एक और बड़ा फैसला लिया गया है। वर्ष 2016 में समाप्त किए गए 6 प्रतिशत आबादी भूखंड के प्रावधान को फिर लागू कर दिया गया है। हालांकि 6 प्रतिशत आबादी भूखंड लेने वाले किसानों के लिए मुआवजा दर 5725 रुपये प्रति वर्गमीटर होगी।
रजिस्ट्री के साथ मिलेगा आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र
नई व्यवस्था में किसानों को आबादी भूखंड के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। प्राधिकरण के पक्ष में जमीन की रजिस्ट्री के समय ही किसान को आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र जारी किया जाएगा। आबादी भूखंड का क्षेत्रफल 40 वर्गमीटर से 2500 वर्गमीटर तक निर्धारित किया गया है।
आबादी भूखंड के लिए अलग सेक्टर होंगे विकसित
प्राधिकरण ने आबादी भूखंडों के लिए अलग सेक्टर विकसित करने का भी निर्णय लिया है। इन सेक्टरों को अन्य आवासीय और औद्योगिक सेक्टरों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। प्रमुख मार्गों से लगी जमीन के किसानों को आबादी भूखंड आवंटन में प्राथमिकता देने का प्रावधान भी किया गया है।
जमीन पर मौजूद संपत्तियों का भी मिलेगा अलग मुआवजा
किसानों की जमीन पर मौजूद परिसंपत्तियों के लिए भूमि के मुआवजे के अलावा अलग से मुआवजा दिया जाएगा। वहीं मुआवजे की पूरी राशि पारदर्शी तरीके से सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी।
किसानों के लिए बनेगा जमीन अधिग्रहण सेल
जमीन खरीद की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एसीईओ की अध्यक्षता में जमीन अधिग्रहण सेल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य किसानों को जमीन क्रय की प्रक्रिया में सहयोग देना और उन्हें प्राधिकरण के दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाना है। प्राधिकरण बोर्ड के इस फैसले से किसानों को मुआवजे के साथ-साथ आबादी अधिकार का भी लाभ मिलेगा। खास तौर पर 4125 से 6415 रुपये प्रति वर्गमीटर की छलांग ने किसानों की जमीन के मुआवजे में बड़ा बदलाव किया है।
