संचार नाउ। स्वतंत्रता दिवस की 80वीं वर्षगांठ के अवसर पर जीएनआईओटी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज का परिसर राष्ट्रभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। संस्कृति क्लब की ओर से आयोजित भव्य समारोह में देशभक्ति, भारतीय संस्कृति और विकसित भारत के संकल्प का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित विशेष प्रस्तुतियां रहीं, जिनमें विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, देशभक्ति गीतों और कविताओं के माध्यम से स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
समारोह में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, कर्मचारियों और संस्थान के अधिकारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे परिसर में तिरंगे की छटा और राष्ट्रप्रेम का माहौल दिखाई दिया। मंच पर प्रस्तुत देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों में देश के प्रति गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और मजबूत किया।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य निभाने की प्रेरणा भी देती है। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में युवा शक्ति सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, नवाचार, नेतृत्व और सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की आत्मा, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है। आज की पीढ़ी यदि अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा दे, तो भारत विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल होकर विकसित राष्ट्र बनने का लक्ष्य निश्चित रूप से हासिल कर सकता है।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने ‘विकसित भारत @2047’ के संकल्प को साकार करने, राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत बनाने तथा समाज के प्रति अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की शपथ ली। समारोह के सफल आयोजन के लिए संस्कृति क्लब और छात्र-छात्राओं के प्रयासों की सराहना की गई। राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुए इस आयोजन ने परिसर में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रसेवा का संदेश छोड़ गया।
