नई दिल्ली। दिग्गज एक्ट्रेस और मिमिक्री आर्टिस्ट आशा जायसवाल (Asha Jaiswal) सिंह का 22 अगस्त को निधन हो गया। उनके बेटे आकाश भारद्वाज ने यह खबर शेयर करते हुए अपनी मां और उनके काम के प्रति समर्पित जीवन को याद किया।
उन्होंने उन्हें एक कर्मठ आयरन लेडी के तौर पर याद किया। अपनी पोस्ट में आकाश ने लोगों से अपील की कि वे उन्हें सिर्फ शोक मनाकर ही नहीं, बल्कि उनके काम और जीवन भर दिए गए योगदान को याद करके भी याद रखें।
बेटे ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दी जानकारी
उन्होंने लिखा,’वो एक कर्मठ लौह महिला थीं। आप सभी उनकी आत्मा की सद्गति एवं शांति के लिए प्रार्थना करें। और उनके काम को सोशल मीडिया पर जरूर देखें और याद रखें ताकि उनकी आत्मा जहां भी हो, प्रसन्नचित्त हो कि आप उनका काम अब भी देख और याद कर सकें। क्योंकि उनके जीवन में उनका कर्म ही सब कुछ था जो उन्हें उनकी मृत्यु के बाद ब्रम्हानंद में मोक्ष प्रदान करता है इसी आशा के साथ ये संदेश मुख्य रूप से प्रसारित कर रहा हूं…मृत्यु का दुख नहीं आनंद ब्रम्हानंद यही उनका संदेश है।’
उनके बेटे से मिली जानकारी के मुताबिक, आशा जायसवाल एक कैरेक्टर आर्टिस्ट और सोशल वर्कर थीं। उन्हें ‘भारत की पहली महिला मिमिक्री आर्टिस्ट’ माना जाता है और वे मशहूर एक्ट्रेस मीना कुमारी की आवाज की नकल करने के लिए जानी जाती थीं। वे ‘आशा इवेंट्स एंड फिल्म्स’ की फाउंडर, ओनर और ऑपरेटर भी थीं।
23 अगस्त को हुआ अंतिम संस्कार
आकाश ने उनके अंतिम संस्कार के बारे में भी जानकारी दी। उनका अंतिम संस्कार 23 अगस्त को सुबह 10 बजे विले पार्ले वेस्ट के पवन हंस श्मशान घाट में हुआ।
वहीं आशा के काम को याद करें तो वो भारतीय एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री का एक जाना-माना चेहरा थी। कई सालों तक फिल्मों और टेलीविजन शो से जुड़ी रहीं। आशा सिंह ने बी.आर. चोपड़ा के ऐतिहासिक टीवी सीरियल ‘महाभारत’ में काम किया था, जिसमें उन्होंने कृपाचार्य की बहन, द्रोणाचार्य की पत्नी और अश्वत्थामा की मां ‘कृपी’ का किरदार निभाया था।
