नई दिल्ली: दुबई में खेले गए महिला एशिया कप के ग्रुप ए मुकाबले में भारतीय टीम के खिलाफ मिली हार के बाद पाकिस्तान क्रिकेट टीम को एक और बड़ा झटका लगा है। पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना को मैदान पर घटिया आचरण और खेल भावना के विपरीत व्यवहार के लिए आईसीसी की ओर से सजा सुनाई गई है। भारतीय पारी के दौरान घटी इस घटना के बाद मैच रेफरी ने कप्तान सना पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना ठोका है।
शेफाली वर्मा की तरफ इशारा करने की मिली सजा
फातिमा सना को आईसीसी आचार संहिता के नियम 2.5 के उल्लंघन का आरोपी पाया गया है। यह नियम किसी बल्लेबाज को आउट करने के बाद ऐसी भाषा, इशारे या हरकतों से संबंधित है जो उसे नीचा दिखाए या उकसाने का काम करे। ये विवाद तब हुआ जब दूसरे ओवर में फातिमा ने भारतीय ओपनिंग बल्लेबाज शेफाली वर्मा को पवेलियन का रास्ता दिखाया तो उन्होंने खुशी मनाने के बजाय बल्लेबाज की तरफ पवेलियन लौटने का अनुचित इशारा किया।
पाकिस्तानी कप्तान ने मान ली अपनी गलती
मैदान पर मौजूद अंपायरों की शिकायत के बाद आईसीसी मैच रेफरी सुप्रिया रानी दास ने फातिमा को इस हरकत का दोषी पाया। हालांकि, पाकिस्तानी कप्तान ने अपनी गलती मान ली जिसकी वजह से औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। आईसीसी के कड़े नियमों के तहत अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में सुधार की चेतावनी के साथ-साथ उनके खाते में 1 डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है।
दो साल में दूसरी गलती कर दी
पिछले 24 महीनों के भीतर फातिमा सना का यह दूसरा अपराध है। इससे पहले 6 अगस्त 2025 को आयरलैंड के खिलाफ डबलिन में खेले गए टी-20 मैच के दौरान भी उन्हें 1 डिमेरिट अंक मिला था। इस ताजा कार्रवाई के साथ ही उनके 24 महीने के साइकिल में कुल 2 डिमेरिट पॉइंट्स हो चुके हैं जो भविष्य में उनके खेलने पर संकट खड़ा कर सकते हैं।
आगे गलती पर लग जाएगा बैन
आईसीसी के कड़े अनुशासनात्मक नियमों के मुताबिक, ‘यदि कोई खिलाड़ी 24 महीने की समयावधि के भीतर 4 या उससे अधिक डिमेरिट अंक एकत्र कर लेता है तो वे सस्पेंशन पॉइंट्स में बदल जाते हैं।’ दो सस्पेंशन पॉइंट्स का मतलब सीधे तौर पर एक टेस्ट मैच या दो वनडे/टी20 मैचों का प्रतिबंध होता है। ऐसे में फातिमा सना को अब अगले मुकाबलों में अपने आक्रामक रवैये पर काबू रखना होगा वरना एक और गलती उन्हें मैदान से बाहर कर सकती है।
