संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा के थाना बीटा-2 क्षेत्र के बिरौंडी गांव में एक जुलाई 2024 में हुए महेश कुमार हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी पूजा और उसके प्रेमी प्रहलाद को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (त्वरित न्यायालय द्वितीय) सत्येंद्र सिंह की अदालत ने दोनों दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दरअसल,अतिरिक्त जिला एवं शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी क्राइम) शिल्पी भदोरिया ने बताया कि मामला 1 जुलाई 2024 का है। सत्येंद्र कुमार ने जिला हरि महेश कुमार को बिरौंडी गांव स्थित सुलभ शौचालय की देखरेख के लिए रखा था। महेश अपनी पत्नी पूजा और तीन बच्चों के साथ सुलभ शौचालय के ऊपर बने कमरे में रहता था। एक जुलाई को कमरे में महेश का शव मिलने के बाद पुलिस को सूचना दी गई।
अभियोजन के मुताबिक, पूजा के प्रहलाद के साथ संबंध थे। प्रहलाद पूजा के मायके का रहने वाला था और नौकरी करने के लिए नोएडा आया था। वह महेश के कमरे पर ही रह रहा था। मृतक के बच्चे उसे ‘मामा’ कहकर बुलाते थे, हालांकि वह उनका सगा मामा नहीं था।
बताया गया कि महेश ने अपनी पत्नी पूजा और प्रहलाद को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। इसके बाद विवाद हुआ और आरोप है कि पूजा और प्रहलाद ने मिलकर कैंची से महेश की हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों शव को कमरे में छोड़कर तीनों बच्चों को अपने साथ लेकर वहां से फरार हो गए।
मामले की जांच में मृतक के बच्चों के बयान बेहद अहम रहे। बच्चों ने पुलिस को बताया कि उनकी मां और प्रहलाद ने उनके पिता के साथ मारपीट की थी और इसी दौरान उनकी हत्या हुई। बच्चों के बयानों के अलावा पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया।
पुलिस ने जांच के बाद पूजा और प्रहलाद को गिरफ्तार किया तथा दोनों के खिलाफ चार्जशीट जिला न्यायालय में दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य अदालत के सामने रखे।
अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर पूजा और प्रहलाद को हत्या का दोषी माना और दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
