देहरादून: उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम बदला है। भारी बारिश के बीच ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है, जिससे मौसम में ठंड का एहसास होने लगा है। हेमकुंड साहिब , बद्रीनाथ के अलावा केदारनाथ धाम में भी सुबह से हल्की बारिश के बाद बर्फबारी हुई है। यमुनोत्री धाम सहित यमुना घाटी में शनिवार सुबह से झमाझम बारिश हो रही है।
यमुनोत्री धाम के आसपास के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी हुई है। मौसम विभाग की ओर से जारी रेड अलर्ट के मद्देनजर उत्तरकाशी जिले में प्रशासन अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी के निर्देश पर हीना और डोबाटा होल्डिंग पॉइंट्स पर गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम की यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बदरीनाथ-केदारनाथ यात्रा सुचारू है।
केदारनाथ हेली सेवा फिलहाल बंद
मौसम खराब होने के कारण केदारनाथ हेली सेवाओं का फिलहाल बंद कर दिया गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए गौरीकुण्ड और सोनप्रयाग से केदारनाथ की ओर यात्रियों को नहीं भेजा जा रहा है। चार धाम यात्रा को भी अस्थाई तौर पर रोका गया है।
सिखों के पवित्र धार्मिक स्थल श्री हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी हुई है। गुरुवार 17 सितंबर की सुबह बारिश के साथ हेमकुंड साहिब में ताजा बर्फबारी हुई और पूरे इलाके ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली। इन दिनों रोजाना करीब 1800 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। बर्फबारी के बीच हेमकुंड साहिब पहुंचे सिख श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया।
आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में पहली बर्फबारी
चमोली और पिथौरागढ़ जिले में भी बर्फबारी हुई है। उच्च हिमालयी व्यास घाटी के आदि कैलाश और ओम पर्वत क्षेत्र में शीतकाल की पहली बर्फबारी हुई है। नाभीढांग, गुंजी और कुटी समेत 10 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी के साथ बारिश शुरू हो गई। बर्फबारी के बाद उच्च हिमालयी क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश में अगले दो दिनों तक भारी बारिश को लेकर रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके तहत शनिवार को प्रदेश के पांच पर्वतीय जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया गया है।
