संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा के थाना सूरजपुर क्षेत्र के पाली गांव से जुड़े वर्ष 2022 के हत्या और साक्ष्य छिपाने के मामले में गौतमबुद्धनगर की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-1) सुनील कुमार की अदालत ने आरोपी सुबोध, रवि और सागर को धारा 302 और 201 भादवि के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। वहीं आरोपी मनीष को धारा 201 भादवि में दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
दरअसल,मामला थाना सूरजपुर में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 137/2022 से संबंधित है। एडीजीसी क्राइम धर्मेन्द्र जैंत मले में हत्या के साथ साक्ष्य छिपाने से जुड़े आरोप लगाए गए थे। पुलिस की जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया और मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से विभिन्न साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष पेश किए गए।
अदालत ने मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद सुबोध, रवि और सागर को हत्या तथा साक्ष्य छिपाने का दोषी माना। तीनों को आजीवन कारावास के साथ 35-35 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना जमा नहीं करने पर प्रत्येक को एक वर्ष दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं आरोपी मनीष को साक्ष्य छिपाने के मामले में दोषी पाते हुए पांच वर्ष के कारावास और 5 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड जमा नहीं करने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इस मामले में एडीजीसी क्राइम धर्मेंद्र जैंत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की। अदालत के फैसले के बाद वर्ष 2022 में दर्ज इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत चार आरोपियों को सजा सुनाई गई है।
