डोईवाला से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, जहां देहरादून और पिथौरागढ़ के बीच सीधी हवाई सेवा की शुरुआत कर दी गई है। इस सेवा का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया। लंबे समय से प्रतीक्षित इस उड़ान सेवा के शुरू होने से उत्तराखंड के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
एक घंटे में तय होगी 15 घंटे की दूरी
अब तक देहरादून से पिथौरागढ़ तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 15 घंटे का समय लगता था, लेकिन इस नई हवाई सेवा के शुरू होने से यह दूरी अब महज एक घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर अधिक आरामदायक हो जाएगा।
42 सीटर विमान से शुरू हुई सेवा
इस हवाई सेवा को एलायंस एयर के 42 सीटर विमान के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। यह सेवा क्षेत्रीय संपर्क योजना के तहत शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य दूर-दराज के इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना है।
गढ़वाल और कुमाऊं के बीच बेहतर कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस उड़ान सेवा से गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों के बीच यात्रा करने वाले लोगों को काफी लाभ मिलेगा। अब दोनों क्षेत्रों के बीच आवागमन तेज, सरल और सुविधाजनक हो जाएगा।
पर्यटन, व्यापार और आपात सेवाओं को मिलेगा बढ़ावा
इस नई हवाई सेवा के शुरू होने से पिथौरागढ़ जैसे सीमांत क्षेत्र सीधे हवाई संपर्क से जुड़ जाएंगे। इससे पर्यटन को नई गति मिलेगी, व्यापार के अवसर बढ़ेंगे और आपातकालीन सेवाएं भी अधिक प्रभावी बन सकेंगी। कम समय में आसान यात्रा से स्थानीय लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी।
सीमांत क्षेत्रों के विकास की दिशा में बड़ा कदम
सरकार का मानना है कि इस पहल से राज्य के अंतिम छोर तक विकास पहुंचाने में मदद मिलेगी। साथ ही उत्तराखंड में कनेक्टिविटी को एक नई दिशा और गति मिलेगी, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों का समग्र विकास संभव होगा।
एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर में हुआ विस्तार
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले चार वर्षों में राज्य में हेलीपोर्ट की संख्या 2 से बढ़कर 12 और हेलीपैड की संख्या 60 से बढ़कर 118 हो गई है। यह राज्य में मजबूत एविएशन इकोसिस्टम के विकास का संकेत है। इसी के चलते उत्तराखंड को ‘बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम’ अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है।
आपदा प्रबंधन में भी मिलेगी मदद
उत्तराखंड जैसे आपदा संवेदनशील राज्य में हवाई सेवाएं राहत और बचाव कार्यों के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो रही हैं। नए हेलीपैड और बेहतर कनेक्टिविटी से आपात स्थितियों में त्वरित सहायता पहुंचाना अब और आसान हो गया है।
उड़ान योजना से देशभर में बढ़ी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में हवाई संपर्क के क्षेत्र में तेजी से विकास हुआ है। क्षेत्रीय उड़ान योजनाओं के माध्यम से दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों को भी हवाई नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है।
‘उड़ान योजना 2.0’ से खुले नए अवसर
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा ‘उड़ान योजना 2.0’ को मंजूरी मिलने के बाद देश में नागरिक उड्डयन क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। इस योजना के तहत लगभग 29,000 करोड़ रुपये की लागत से 100 नए हवाई अड्डे और 200 नए हेलीपैड विकसित किए जाएंगे, जिसका लाभ उत्तराखंड सहित पूरे देश को मिलेगा।
