मुंबई. प्रसिद्ध बंगाली फिल्ममेकर और नेशनल फिल्म अवॉर्ड विजेत अनिक दत्ता का बुधवार 26 मई को निधन हो गया. बताया जा रहा है कि कोलकाता के गरियाहाट इलाके में छत से गिरने के बाद उन्हें गंभीर चोटें आई थीं. उन्हें तुरंत धाकुरिया के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन डॉक्टरों ने बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, यह घटना उनकी पत्नी के घर गरियाहाट में हुई, जहां अनिक कथित तौर घर की छत से गिर गए. पुलिस ने इलाके को घेर लिया है और जांच शुरू कर दी है.
पुलिस इस मामले की जांच करने में लगी है किय यह हादसा था या इसमें कोई साजिश हुई है. सूत्रों का यह भी कहना है कि अनिक दत्ता की बेटी फिलहाल विदेश में रहती है और उनके कोलकाता पहुंचने के बाद शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा.
अनिक दत्ता को बंगाली सिनेमा की सबसे खास फिल्ममेकर्स में से एक माना जाता था. उन्होंने बड़े पर्दे पर निर्देशन की शुरुआत ‘भूतेर भविष्यत’ से की थी. यह एक व्यंग्यात्मक ड्रामा है और राजनीति, समाज और कोलकाता की बदलती शहरी संस्कृति पर तंज था. इसलिए इस फिल्म को कल्ट बंगाली फिल्म कहा जाता है.
अनिक दत्ता की फिल्में
अनिक दत्ता अपनी फिल्मों में हास्य और व्यंग्य के साथ मजबूत सामाजिक व्यवस्था पर चोट करते थे. वह अक्सर अपनी फिल्मों में राजनीति, अर्थशास्त्र और समाज की कड़वी सच्चाइयों को दिखाते थे. उन्होंने ‘अश्चर्य प्रदीप’, ‘मेघनाद बध रहस्य’, ‘भविष्यतेर भूत’, ‘बरुण बाबू के दोस्त’ और ‘अपराजितो’ जैसी फिल्मों का डायरेक्शन किया. उनकी आखिरी फिल्म ‘जतो कांडो कोलकातातेई’ है, जो पिछले साल दुर्गा पूजा के दौरान सिनेमाघरों में आई थी.
ममता बनर्जी के विरोधी रगे थे अनिक दत्ता
अनिक दत्ता का जन्म 22 मई को कोलकाता के देबदूत शीट नगर में हुआ था और वे बचपन से ही सिनेमा के बड़े शौकीन थे. फिल्म निर्माता सत्यजीत रे का उनके ऊपर गहरा प्रभाव था, जो उनकी कहानी कहने की शैली में साफ नजर आता था. द टेलीग्राफ के मुताबिक, अनिक दत्ता को वामपंथी सोच वाले फिल्मकार के रूप में जाना जाता है. वे पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विरोधी रहे हैं. 2019 में उनकी फिल्म ‘भविष्यतेर भूत’ को सिनेमाघरों में दिखाने से रोक दिया गया था. अनिक ने कोलकाता इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के दौरान नंदन में तत्कालीन मुख्यमंत्री के कटआउट्स की भारी मौजूदगी पर भी सवाल उठाए थे.
