उत्तराखंड के किसानों के लिए बड़ा फैसला, लंबित भुगतान एक हफ्ते में निपटाने के निर्देश

Sanchar Now
5 Min Read

देहरादून: उत्तराखंड में बागवानी और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को समयबद्ध लक्ष्य पूरे करने के निर्देश दिए हैं. लंबित भुगतान की विसंगतियां एक सप्ताह में दूर करने और किसानों को समय पर योजनाओं का लाभ देने को प्राथमिकता बताया गया है.

कृषि मंत्री की अहम बैठक: उत्तराखंड में किसानों को बागवानी और कृषि योजनाओं का लाभ समय पर दिलाने को लेकर सरकार ने विभागीय अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है. कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून में हुई समीक्षा बैठक में एप्पल मिशन, पॉलीहाउस और वित्तीय वर्ष 2026-27 की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की. बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के मुख्य उद्यान अधिकारी और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे.

किसानों के लंबित भुगतान पर एक हफ्ते की डेडलाइन: बैठक में एप्पल मिशन की जनपदवार प्रगति की समीक्षा करते हुए कृषि मंत्री ने अधिकारियों से सेब की अति सघन बागवानी मिशन के तहत चल रहे कामों की जानकारी ली. उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए निर्धारित बजट का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. मंत्री ने कहा कि योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसका सीधा फायदा किसानों तक पहुंचना जरूरी है.

भुगतान में आ रही विसंगतियां: इसके साथ ही सेब उत्पादक किसानों के लंबित भुगतानों का जल्द निस्तारण करने को भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए. समीक्षा बैठक में किसानों से जुड़ा सबसे अहम मुद्दा लंबित भुगतान रहा. कृषि मंत्री ने पॉलीहाउस, एप्पल मिशन, कीवी और अन्य योजनाओं के तहत भुगतान में आ रही विसंगतियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को एक सप्ताह का समय दिया. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भुगतान से जुड़ी सभी समस्याओं का निस्तारण कर किसानों को उनका पैसा उपलब्ध कराया जाए. मंत्री ने कहा कि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए.

पढ़ें  ‘भाजपा के लिए धर्म का मतलब सिर्फ धन’, अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर अखिलेश यादव का तीखा हमला

सेब के साथ कीवी और ड्रैगन फ्रूट पर भी जोर: उत्तराखंड में पारंपरिक बागवानी के साथ नई फसलों को बढ़ावा देने पर भी बैठक में जोर दिया गया. कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य के पर्वतीय और अन्य क्षेत्रों में कीवी और ड्रैगन फ्रूट के उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं. उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को इन फसलों से जोड़ने और विभागीय योजनाओं के जरिए उन्हें जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. इसका मकसद किसानों के लिए आय के नए विकल्प तैयार करना और बागवानी क्षेत्र में फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है.

बुआई से पहले किसानों तक पहुंचना होगा बीज: कृषि मंत्री ने अधिकारियों को किसानों की जरूरत के हिसाब से पहले से तैयारी करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सब्जियों और अन्य फसलों के बीज किसानों को बुआई से पहले ही उपलब्ध कराए जाएं, ताकि बीज की कमी के कारण खेती का समय प्रभावित न हो. मंत्री ने निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं का क्रियान्वयन करने और तय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने को कहा. नाबार्ड योजना के तहत बनाए जा रहे पॉलीहाउस की प्रगति की भी समीक्षा की गई.

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए. उन्होंने पॉलीहाउस निर्माण की नियमित निगरानी पर भी जोर दिया. पॉलीहाउस को किसानों के लिए संरक्षित खेती का महत्वपूर्ण माध्यम माना जा रहा है, ऐसे में इसके निर्माण और किसानों को इसके लाभ से जोड़ने की प्रक्रिया में देरी न हो, इसके निर्देश दिए गए.

पढ़ें  अतुल सुभाष की सास और साला प्रयागराज से और पत्नी निकिता गुरुग्राम से गिरफ्तार

मधुमक्खी पालन से रोजगार बढ़ाने पर जोर: बैठक में मधुमक्खी पालन यानी मौन पालन की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई. कृषि मंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में मौन पालन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की क्षमता है. उन्होंने अधिकारियों को अधिक से अधिक किसानों को मौन पालन से जोड़ने के साथ उन्हें प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. समीक्षा बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं के लक्ष्य सिर्फ वित्तीय खर्च तक सीमित न रहें, बल्कि उनका वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचे. उन्होंने सभी योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया.

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment