कोर्ट के आदेश पर ग्रेनो प्राधिकरण के ओएसडी सहित 8 पर हुआ मामला दर्ज

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ग्रेटर नोएडा।‌ दनकौर कोतवाली में दलित महिला का नाम मतदाता सूची से काटे जाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम सहित आठ अधिकारियों पर मामला दर्ज हुआ है। महिला ने जातिगत रंजिश का आरोप लगाते हुए अदालत से न्याय की गुहार लगाई थी। जिस पर अदालत ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। तत्कालीन एसडीएम वर्तमान में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में ओएसडी के पद पर तैनात हैं।

दरअसल, पीड़ित महिला हेमलता दनकौर थाना क्षेत्र के रोशनपुर गांव की मूल निवासी है। वर्ष 2022 में हुए विधानसभा चुनाव में तत्कालीन सदर एसडीएम रजनीकांत ने निर्वाचन अधिकारी / रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के पद पर रहते हुए महिला का नाम मतदाता सूची से हटा दिया। जिसके कारण वह पिछले विधानसभा चुनाव में मतदान से वंचित रह गई। पीड़िता ने मामले में अदालत से न्याय की गुहार लगाई। अदालत ने सुनवाई करते हुए दोषी तत्कालीन एसडीएम सहित 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर दनकौर थाना पुलिस ने तत्कालीन एसडीएम रजनीकांत, तहसीलदार विनय भदौरिया, तहसीलदार अखिलेश सिंह सहित पांच अन्य आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और पुलिस ने मामले की जांच सुरु कर दी है।

परेशान पीड़िता ने कोर्ट से लगाई न्याय की गुहार

वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले अधिकारियों के द्वारा जारी मतदाता सूची में पीड़ित महिला का नाम हटा दिया गया। जिसकी जानकारी होने के बाद पीड़ित महिला द्वारा दनकौर कोतवाली में पुलिस से शिकायत की गई लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्यवाही नहीं की। जिसके बाद पीड़ित महिला ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया। पीड़िता की शिकायत पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अधिकारियों को दोषी मानते हुए गंभीर धाराओं में दनकौर पुलिस को मामला दर्ज करने का आदेश दिया।

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पुलिस ने इन धाराओं में हुआ मामला दर्ज

एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर दनकौर पुलिस ने धारा 420, 467, 468, 471, 120 बी, 166, 167, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जातिगत रंजीत का आरोप लगाकर महिला ने कोर्ट से लगाई थी गुहार

पीड़ित हेमलता ने निर्वाचन अधिकारियों पर जान पूछ कर अपने पद का दुरुपयोग कर मतदाता सूची से नाम काटने का आरोप लगाया। जिसके बाद पीड़ित महिला मतदान के संवैधानिक अधिकार से वंचित रह गई। महिला ने अधिकारियों पर जातिगत रंजिश के कारण मतदाता सूची से नाम काटे जाने की अदालत से शिकायत की। शिकायत में महिला ने बताया कि वह मूल रूप से दनकौर के रोशनपुर गांव की रहने वाली है। इससे पहले भी महिला ने कई बार विधानसभा व लोकसभा सहित अन्य चुनाव में अपने मत का प्रयोग किया है। लेकिन वर्ष 2022 के विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची से निर्वाचन अधिकारियों ने महिला का मतदाता सूची से नाम हटा दिया था।

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