संचार नाउ। सड़क निर्माण के कारण अपनी जमीन से विस्थापित हुए किसानों के पुनर्वास को लेकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। गाजियाबाद में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर फैक्ट्री से एनएच-24 (अब एनएच-9) तक लिंक रोड के निर्माण से प्रभावित किसानों को अब भूखंड का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बुधवार को आयोजित 145वीं बोर्ड बैठक में ग्राम चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में उपलब्ध 5.48 एकड़ भूमि पर पात्र किसानों के पक्ष में लीज डीड कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। खास बात यह है कि लीज डीड पर होने वाला खर्च भी प्राधिकरण स्वयं वहन करेगा।
दरअसल, प्राधिकरण की बोर्ड बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने की। इसमें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
141वीं बोर्ड बैठक के फैसले को आगे बढ़ाया
दरअसल, लिंक रोड निर्माण के दौरान जिन मूल किसानों की जमीन सड़क की जद में आई थी, उनके पुनर्वास का विषय लंबे समय से विचाराधीन था। इस संबंध में प्राधिकरण की 141वीं बोर्ड बैठक में निर्णय लिया गया था कि संबंधित राजस्व अभिलेखों में दर्ज पात्र किसानों को भूखंड की लीज डीड कराई जाएगी।
इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश पर प्राधिकरण की ओर से गठित समिति ने 17 जून 2026 को बैठक कर पात्र किसानों की लीज डीड के लिए जरूरी दस्तावेज प्राप्त करने और उनका सत्यापन करने के बाद प्रस्ताव आगे बढ़ाने की संस्तुति की थी।
दस्तावेजों के सत्यापन के बाद होगी लीज डीड
अब संबंधित किसानों के अभिलेखों की जांच कर लीज डीड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए किसानों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से जारी आवंटन पत्र की मूल प्रति और नक्शा-11 की सत्यापित प्रति उपलब्ध करानी होगी। इसके विकल्प के रूप में किसान द्वारा क्रय किए गए खसरे के बैनामे की मूल प्रति भी प्रस्तुत की जा सकती है।
गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से दस्तावेजों का सत्यापन होने के बाद पात्र किसानों के पक्ष में लीज डीड संपन्न कराई जाएगी। इस प्रक्रिया का खर्च ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण उठाएगा। इस फैसले से सड़क निर्माण के कारण प्रभावित किसानों को उनके पुनर्वास का लाभ मिलने की उम्मीद है।
