संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा के युवाओं को रोजगार से जोड़ने और उन्हें उद्योगों की जरूरत के अनुरूप प्रशिक्षित करने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। शहर में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र स्थापित किया जाएगा। इसके लिए ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईकोटेक-1 में करीब आठ एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में इस जमीन को आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस केंद्र के माध्यम से युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की योजना है।
दरअसल, बुधवार को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक की अध्यक्षता प्राधिकरण के चेयरमैन दीपक कुमार ने की। बैठक में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार, नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश, यमुना प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह, एसीईओ सौम्य श्रीवास्तव, एसीईओ श्रीलक्ष्मी वीएस, एसीईओ प्रेरणा सिंह, एसीईओ सुमित यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
32,880 वर्गमीटर जमीन पर विकसित होगा केंद्र
प्राधिकरण ने सेक्टर ईकोटेक-1 स्थित औद्योगिक भूखंड संख्या-01 की कुल 32,880 वर्गमीटर जमीन को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र के लिए चिह्नित किया है। यह लगभग आठ एकड़ क्षेत्रफल है। प्रस्ताव के अनुसार, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की सहमति मिलने के बाद इस जमीन का निशुल्क आवंटन किया जाएगा।
उद्योगों की जरूरत के अनुसार तैयार होंगे युवा
उत्तर प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को उद्योगों और सेवा क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। इसके तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। युवाओं को भाषा प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे उन्हें रोजगार के व्यापक अवसर मिल सकें।
देश-विदेश में रोजगार दिलाने पर रहेगा जोर
इस केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को देश के दूसरे राज्यों के साथ-साथ विदेशों में भी रोजगार के अवसरों से जोड़ने की योजना है। इसके लिए प्लेसमेंट संबंधी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रशिक्षणार्थियों के लिए हॉस्टल, कार्यालय और प्लेसमेंट सेल जैसी व्यवस्थाएं भी की जाएंगी।
ग्रेटर नोएडा में लगातार बढ़ रही औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए यह केंद्र स्थानीय युवाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। इससे उद्योगों को प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराने के साथ युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
