अयोध्याः भगवान राम में आस्था है? जनेऊ पहनते हैं या नहीं? भोजन शाकाहारी करते हैं? शराब तो नहीं पीते हैं? हिंदू रीति-रिवाजों की जानकारी है या नहीं? हिंदू धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार कपड़े पहनने में सहज होंगे? ये कुछ सवाल हैं, जिनसे अयोध्या स्थित राम मंदिर का सीईओ बनने पहुंचे उम्मीदवारों का सामना हुआ। मंगलवार को राम मंदिर परिसर के तीर्थ यात्री कक्ष में आठ उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया। इनमें तीन पूर्व आईएएस अफसर, एक पूर्व आईपीएस अफसर और चार पूर्व सैन्य अधिकारी शामिल थे।
पहले दिन 8 कैंडिडेट्स का हुआ इंटरव्यू
इंटरव्यू का फोकस केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहा। उम्मीदवारों से नेतृत्व क्षमता, प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक और धार्मिक जुड़ाव, राम मंदिर के प्रति उनके दृष्टिकोण और मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर उनकी कार्ययोजना और विजन के बारे में भी सवाल किए गए। राम मंदिर ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि एक उच्चाधिकार समिति ने 5,200 आवेदकों में से 18 उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया है। पहले दिन आठ लोगों के साक्षात्कार हो सके।
इंटरव्यू की प्रक्रिया चार दिन और जारी रहेगी
सूत्रों ने बताया कि साक्षात्कार की प्रक्रिया चार दिन और जारी रहने की उम्मीद है, जबकि पहले इसे दो दिन में पूरा किया जाना था। अधिकारी ने बताया कि सभी 18 उम्मीदवार सोमवार देर रात अयोध्या पहुंचे। प्रत्येक उम्मीदवार ने अयोध्या हवाई अड्डे पर पहुंचने की सूचना ट्रस्ट को दी। इसके बाद ट्रस्ट द्वारा उन्हें हवाई अड्डे से अलग-अलग गाड़ियों में अलग-अलग स्थानों पर ले जाया गया
इंटरव्यू की प्रक्रिया 10 बजे शुरू हुई
उम्मीदवार सुबह नौ बजे राम मंदिर परिसर पहुंचे। उन्हें परिसर का भ्रमण करवाया गया। साक्षात्कार की प्रक्रिया 10 बजे शुरू हुई। उम्मीदवारों को मीडिया से बात न करने का निर्देश दिया गया है। साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन सभी को दिल्ली की उड़ान में सवार होने के लिए अयोध्या के हवाई अड्डे ले जाया जाएगा। दिल्ली से वे अपने-अपने गंतव्यों के लिए उड़ान भरेंगे।
तीन में से एक नाम होगा फाइनल
सूत्रों ने बताया कि साक्षात्कार समिति इन 18 आवेदकों में से तीन नाम तय करके मंदिर ट्रस्ट को भेजेगी और ट्रस्ट किसी एक नाम पर अंतिम निर्णय लेगा। साक्षात्कार समिति में उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) विष्णुकांत चतुर्वेदी और पूर्व वैज्ञानिक सुरेश हवारे शामिल हैं।
