संचार नाउ। ग्रेटर नोएडा के विकास भवन सभागार में बुधवार को उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य मीनाक्षी भराला ने महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर जनसुनवाई की। इस दौरान गौतम बुद्ध नगर जनपद से प्राप्त 19 शिकायतों की सुनवाई की गई। कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि अन्य मामलों के शीघ्र समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और उनकी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना है। अधिकारियों से कहा गया कि महिलाओं से जुड़े मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए समय पर उनका निस्तारण किया जाए।
“फ्री मोबाइल डेटा से बढ़ रहे पारिवारिक विवाद”
जनसुनवाई के दौरान मीनाक्षी भराला ने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन और सस्ते अथवा मुफ्त इंटरनेट के बढ़ते उपयोग से कई परिवारों में विवाद बढ़ रहे हैं। उन्होंने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि यदि मोबाइल डेटा पहले की तुलना में महंगा हो जाए तो लोग कम समय मोबाइल पर बिताएंगे और परिवारों में आपसी संवाद बेहतर होगा। उन्होंने सरकार से डेटा दरों पर पुनर्विचार करने की अपील भी की।
“गौतम बुद्ध नगर में दहेज की बढ़ती होड़ चिंता का विषय”
मीनाक्षी भराला ने कहा कि गौतम बुद्ध नगर में दहेज और दिखावे की प्रतिस्पर्धा कई परिवारों के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में लोग एक-दूसरे से अधिक खर्च करने और महंगी गाड़ियां व उपहार देने की होड़ में शामिल हो जाते हैं, जिससे वैवाहिक विवाद बढ़ते हैं और महिलाओं को प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है।
“समाज को दहेज प्रथा के खिलाफ आगे आना होगा”
उन्होंने बताया कि हाल ही में गुर्जर समाज की एक पंचायत में उन्होंने दहेज प्रथा समाप्त करने की अपील की थी। उनका कहना था कि समाज के लोगों को विवाह में दिखावे और दहेज की परंपरा को खत्म करने के लिए स्वयं आगे आना होगा। यदि समाज जागरूक होगा, तो महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी कमी आएगी।
निक्की भाटी हत्याकांड का भी किया जिक्र
एक सवाल के जवाब में मीनाक्षी भराला ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि चर्चित निक्की भाटी हत्याकांड में दोनों पक्षों के बीच अदालत के बाहर समझौता हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद पंचायत करने के बजाय समाज को पहले से जागरूक होकर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए ठोस पहल करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मीनाक्षी भराला ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और न्याय सुनिश्चित करना राज्य महिला आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोग प्रत्येक शिकायत का निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण कराने के लिए प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इसी तरह जनसुनवाई और जागरूकता अभियान जारी रहेंगे।
