उत्तर प्रदेश के जेवर के किसानों के लिए 15 जून 2026 का दिन बेहद यादगार और भावनात्मक रहा. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निर्माण के लिए अपनी जमीन देने वाले 170 किसान, जिनमें 28 महिलाएं भी शामिल थीं, पहली सीधी उड़ान से लखनऊ पहुंचे. मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचने पर इन किसानों का भव्य स्वागत किया गया.
सपनों के उड़ान की शुरुआत
दरअसल, अपने गांव की मिट्टी से उठकर पहली बार हवाई जहाज की सवारी करने वाले किसानों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था. उन्होंने कहा कि कभी उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि वे अपने ही इलाके से हवाई सफर करेंगे. जेवर में बन रहे इस अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ने न केवल क्षेत्र को वैश्विक पहचान दी है, बल्कि उनके जीवन को भी नई दिशा दी है. किसानों ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना हर वादा निभाया और उनके सपने को हकीकत में बदल दिया.
विकास के सहभागी बने किसान
इस ऐतिहासिक यात्रा में शामिल महिला किसानों ने योगी सरकार की जमकर सराहना की. उन्होंने बताया कि विकास कार्यों में सहभागी बनकर उन्हें बेहद गर्व हो रहा है. महिलाओं ने कहा कि एयरपोर्ट के बनने से उनके बच्चों के भविष्य के लिए रोजगार और विकास के नए रास्ते खुलेंगे. यह सिर्फ जमीन का अधिग्रहण नहीं, बल्कि उनके क्षेत्र के विकास की एक बड़ी पहल है.
मुख्यमंत्री का भरोसा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर किसानों से आत्मीय संवाद किया. इस दौरान उन्होंने किसानों का हौसला बढ़ाते हुए कहा, डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता है कि आपको कभी भी निराश या हताश नहीं होना पड़ेगा. आपका समर्पण ही आज इस विशाल विकास परियोजना की नींव है. मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि वक्त सबका आता है, लेकिन सही समय पर सही निर्णय और विकास की सोच ही व्यक्ति और समाज को आगे ले जाती है. उन्होंने यह भी कहा कि आज जेवर की चर्चा हर तरफ है और अब ‘कुबेर’ भी वहां आना चाहते हैं। यानी, यह एयरपोर्ट पूरे इलाके में आर्थिक खुशहाली और निवेश का केंद्र बनेगा.
विकास की नई इबारत
जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास की नई इबारत है. किसानों का यह उत्साह और उनका मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताना यह दर्शाता है कि जब विकास की योजनाएं जन-भागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ती हैं, तो परिणाम न केवल सुखद होते हैं, बल्कि प्रेरणादायक भी होते हैं. यह यात्रा उन किसानों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है जिन्होंने अपने कल को सुरक्षित करने के लिए आज का बलिदान दिया.
