लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब सभी की निगाहें अंतिम मतदाता सूची पर है. प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि 10 अप्रैल 2026 को फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी. उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को पूरी तरह सटीक, त्रुटिरहित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है. अंतिम प्रकाशन से पहले उन्होंने एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की, जिसमें सभी संबंधित अधिकारियों को अंतिम चरण की तैयारियों के निर्देश दिए गए.
बता दें कि विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 को अर्हता तिथि मानकर चलाई गई. इसमें घर-घर जाकर गणना, दावे-आपत्तियां, नोटिस और सुनवाई का पूरा कार्य किया गया. ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद लाखों दावे और आपत्तियों का निपटारा किया गया. अब अंतिम प्रकाशन के बाद यह सूची स्थायी रूप से दर्ज की जाएगी और भविष्य में होने वाले किसी भी पुनरीक्षण का आधार भी बनेगी. मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 10 अप्रैल को 11 बजे तक सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई जाए. बैठक में उन्हें अंतिम मतदाता सूची उपलब्ध कराई जाए और प्राप्ति की रसीद मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को भेजी जाए.
मतदाताओं के लिए सलाह
रिणवा ने मतदाताओं से अपील की है कि वे 10 अप्रैल के बाद अपनी नामावली अवश्य जांच लें. यदि कोई त्रुटि नजर आए तो तुरंत सुधार के लिए आवेदन करें. निर्वाचन आयोग का प्रयास है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अयोग्य नाम शामिल न हो. यह अंतिम मतदाता सूची आगामी चुनावी तैयारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है. सूची के प्रकाशन के बाद इसे आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर डाउनलोड करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी.
प्रकाशन से पहले दुबारा करें जांच
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अंतिम प्रकाशन से पहले डेटा की दोबारा सावधानीपूर्वक जांच की जाए, ताकि सूची पूरी तरह विश्वसनीय और त्रुटिरहित बने. 10 अप्रैल को जारी होने वाली यह सूची उत्तर प्रदेश के करोड़ों मतदाताओं के लिए एक बड़ा अपडेट होगी, जो लोकतंत्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
