CBI के पूर्व निदेशक एम. नागेश्वर राव की राजनीति में एंट्री, वाराणसी में बनाई ‘सर्वजन सनातन पार्टी’

Sanchar Now
3 Min Read

सीबीआई के पूर्व निदेशक एम नागेश्वर राव अब सक्रिय राजनीति में उतर गए हैं. काशी की धरती से उन्होंने सर्वजन सनातन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में अपनी नई भूमिका का ऐलान किया. उन्होंने पार्टी की चार प्रमुख प्राथमिकताएं बताईं और कहा कि सनातन किसी के खिलाफ नहीं है. इस मौके पर पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महंत तीर्थानंद, उपाध्यक्ष ऋतु राठौड़, महासचिव राजा सक्षम सिंह योगी, प्रवक्ता बबीता शर्मा, उत्तर प्रदेश प्रभारी राकेश तिवारी और संगठन मंत्री नरनारायण सिंह भी मौजूद रहे.

एम नागेश्वर राव करीब चार दशक तक सुरक्षा, कानून व्यवस्था और प्रशासन से जुड़े रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत का नवनिर्माण सिर्फ प्रशासनिक सुधारों से नहीं हो सकता. देश को आधुनिक विकास की राह पर बढ़ना चाहिए, लेकिन सभ्यता की जड़ों से जुड़े रहकर.

राव ने साफ किया कि पार्टी की सोच में सनातन सिर्फ पूजा का तरीका नहीं है. यह जीवन को देखने का नजरिया है, जो सच, धर्म, कर्तव्य, करुणा, न्याय, संयम, प्रकृति, परिवार, समाज और जनकल्याण पर टिका है.

पार्टी की सोच चार स्तंभों पर टिकी है. पहला स्तंभ शिक्षा है, जिसमें भारतीय सभ्यता, इतिहास और ज्ञान परंपरा से जुड़ाव के साथ आधुनिक और वैश्विक स्तर की पढ़ाई की बात है. दूसरा स्तंभ स्वास्थ्य है, जिसमें आधुनिक चिकित्सा और भारतीय स्वास्थ्य परंपराओं को मिलाकर सबके लिए अच्छी और आसानी से मिलने वाली सेवा देने का लक्ष्य है. तीसरा स्तंभ आजीविका है, जिसमें युवाओं, किसानों, कारीगरों, मजदूरों, छोटे कारोबारियों और उद्यमियों के लिए सम्मानजनक रोजगार और मौके देने की बात है. चौथा स्तंभ सभ्यतागत जुड़ाव है, जिसमें भाषाओं, कलाओं, मंदिरों, तीर्थ स्थलों, त्योहारों, ज्ञान परंपराओं, परिवार और सांस्कृतिक संस्थाओं को राष्ट्र की ताकत माना गया है.

पढ़ें  रिलायंस ज्वेल्स डकैती का मुख्य आरोपी प्रिंस बिहार में गिरफ्तार, जल्द रिमांड पर लाया जाएगा दून

पार्टी का मकसद अतीत में लौटना नहीं है. वह तकनीक और अर्थव्यवस्था में आधुनिक, लेकिन अपनी सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा भारत बनाना चाहती है.

राव ने कहा कि सनातन को सिर्फ चुनावी निशान नहीं समझना चाहिए. इसके मूल्य शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, शासन, संस्कृति और सामाजिक जीवन में दिखने चाहिए. उन्होंने मंदिरों और तीर्थ स्थलों को सिर्फ पूजा की जगह नहीं, बल्कि सभ्यता की जीवित संस्थाओं के रूप में बचाने पर जोर दिया. इनमें सम्मान, पारदर्शिता और लोगों की सार्थक भागीदारी बढ़नी चाहिए.

उन्होंने कहा कि सनातन किसी के खिलाफ नहीं है. पार्टी का मकसद किसी जाति या समुदाय का विरोध करना नहीं है. वह समाज को बांटने के बजाय सबके लिए काम करना चाहती है.

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment