लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों संग समीक्ष बैठक की. इस दौरान उन्होंने ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 5.0 को लेकर अधिकारियों जरूरी दिशा निर्देश दिए.अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरने को तैयार हैं. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि जीबीसी 5.0 के अंतर्गत हर जनपद में निवेश हो, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाए. उन्होंने जनपदों की पर कैपिटा इनकम बढ़ाने पर जोर दिया और कहा कि इसके लिए मैन्युफेक्चरिंग पावर को बढ़ावा देना आवश्यक है. इस अवसर पर इन्वेस्ट यूपी के अधिकारियों ने पिछले दिनों लीड्स 2025 रैंकिंग में उत्तर प्रदेश को मिले एग्जेम्प्लर अवार्ड को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को समर्पित किया.
मुख्यमंत्री के समक्ष जीबीसी के दौरान पूरे आयोजन का विस्तार से ब्योरा प्रस्तुत किया गया. इसमें स्टेज डिजाइन से लेकर पाथवे, एग्जीबिशन लेआउट को भी प्रस्तुत किया गया. एग्जीबिशन को 8 जोन में विभाजित किया गया है. पहला जोन- व्हाई यूपी है, जिसमें उत्तर प्रदेश के बदले परिदृश्य को विस्तार से दिखाया जाएगा. जोन 2 में इंफ्रास्ट्रक्चरल ट्रांसफॉर्मेशन, जोन 3 में डिफेंस व एयरोस्पेस, जोन 4 में ईवी एवं ग्रीन एनर्जी सस्टेनिबिलिटी, जोन-5 में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफेक्चरिंग, जोन-6 में टेक्सटाइल्स, जोन-7 में टूरिज्म तथा जोन-8 में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में यूपी में आए सार्थक बदलाव को विस्तार से प्रदर्शित किया जाएगा.
FDI को आमंत्रित करना है
मुख्यमंत्री ने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर में भूमि की मांग तेजी से बढ़ी है. इसके सापेक्ष हमें भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देना होगा. इसके अलावा उन प्रोजेक्ट्स में, जहां वर्षों पूर्व भूमि आवंटित की गई, लेकिन अब तक निवेश नहीं हुआ है. ऐसे प्रोजेक्ट्स के बारे में भी जानकारी हासिल की जानी चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में सबसे महत्वपूर्ण विषय एफडीआई को आमंत्रित करना है. इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रयास करने होंगे. इसके साथ ही पब्लिक से जुड़े मुद्दे हमारी प्राथमिकता में होने चाहिए.
MoU करते समय सतर्क रहें
मुख्यमंत्री ने कहा कि एमओयू करते समय संस्थानों की पूरी पड़ताल/जानकारी अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए. निवेशकों से जितना अच्छा व्यवहार होगा, समय से उनकी समस्याओं का निस्तारण करेंगे तो वह प्रदेश के लिए ब्रांड अंबेस्डर की तरह कार्य करेंगे. मुख्यमंत्री ने लैंडबैंक बढ़ाने पर जोर दिया. इनवेस्टमेंट पर दिए जाने वाले इंसेंटिव्स को इवेंट बनाकर निवेशकों का सम्मान करें और उनका मनोबल बढ़ाएं.
यूपी नया औद्योगिक हब
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब पारंपरिक औद्योगिक राज्य की छवि से आगे बढ़कर रक्षा निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग का उभरता हुआ राष्ट्रीय हब बन रहा है. मुख्यमंत्री के समक्ष उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत होने वाले उत्तर प्रदेश रक्षा व एफडीआई कॉन्क्लेव 2026 का प्रस्तुतिकरण भी किया गया. बताया गया कि “उत्तर प्रदेश रक्षा और एफडीआई कॉन्क्लेव 2026” प्रदेश की नई औद्योगिक रणनीति का बड़ा मंच साबित होगा, जिसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (यूपीडीआईसी) में रक्षा एवं एयरोस्पेस उद्योगों को आकर्षित करना, वैश्विक निवेशकों को जोड़ना और उद्योग, सरकार तथा रक्षा संस्थानों के बीच समन्वित इकोसिस्टम विकसित करना है.
