अमेठी में चार दिन पहले हुई तांत्रिक विजय सिंह की हत्या का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया. घटना में शामिल चार अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अभियुक्तों के पास से चार मोबाइल फोन, मृतक के कपड़े और ईंटें समेत अन्य सामान बरामद हुए हैं.
आरोपियों ने घटना को अंजाम देकर मृतक के शव को ईंटों में बांधकर कुएं में फेंक दिया था जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया. घटना का खुलासा करने वाली टीम को एसपी ने 25 हजार रुपए का इनाम दिया है.
पूरे मामले पर एक नजर
यह पूरा मामला जायस थाना क्षेत्र के मोजमगंज पुल के पास का है. जहां गुरुवार की सुबह प्रतापगढ़ के रहने वाले व्यवसायी और तांत्रिक का नाले के किनारे सिर कटा हुआ शव मिला था. घटना के बाद एसपी के निर्देश पर एसओजी, सर्विलांस समेत पुलिस की चार टीमें हत्यारों की तलाश में जुटी हुई थी.
पुलिस अपराधियों की तलाश में जुटी हुई थीं, तभी रविवार (11 जनवरी) की सुबह पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी. घटना को अंजाम देने वाले चार आरोपी राजन सोनकर उर्फ निरहू, सौरभ सोनकर, प्रदीप उर्फ तूफानी सोनकर और अजय सोनकर को गिरफ्तार किया गया, जो जायस कस्बे के ही मोहल्ला गोरियाना के रहने थे.
पूछताछ में आरोपी ने किया यह खुलासा
पूछताछ में मुख्य अभियुक्त राजन सोनकर उर्फ निरहू ने बताया कि वह और उसकी मां विजय सिंह से झाड़-फूंक कराया करते थे. झाड़-फूंक से राजन की तबीयत और बिगड़ने लगी और झाड़ फूंक में काफी पैसा भी बर्बाद हो गया. इसके बाद भी तांत्रिक द्वारा लगातार उससे पैसे की डिमांड की जाने लगी और जब राजन ने पैसे देने से मना किया तो विजय ने उस पर जिन्न-भूत छोड़ दिया.
इसी से परेशान होकर उसने अपने साथी सौरभ प्रदीप और अजय के साथ मिलकर योजना बनाई और 7 जनवरी की रात एक वैन को भाड़े पर लिया. शाम को जायस रेलवे स्टेशन रोड पर राजन की मुलाकात विजय सिंह से हुई तो राजन अपनी समस्या विजय सिंह को बताया, इसके बाद विजय सिंह ने कहा कि उसे देवा शरीफ चलना पड़ेगा और राजन तैयार हो गया.
धारदार हथियार से गर्दन काट दी
सभी लोग रात 10 बजे इकाई ओमनी वैन में सवार होकर वहां से निकले और पहले से तय योजना के तहत मोजमगंज पुल के पास ले गए और गाड़ी में रखे गंडासे से हमला कर उसकी गर्दन को धड़ से अलग कर दिया. मृतक की पहचान छिपाने के लिए धड़ को नाले में फेंक दिया जबकि सिर को एक बोरी में ईंटों के साथ भरकर अपने घर के पास गदहिया तालाब के पास स्थित पुराने कुएं में डाल दिया.
घटना का खुलासा करते हुए एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने कहा कि घटना के खुलासे के लिए चार टीमों को लगाया गया था. चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा.
पुलिस की सूझबूझ और सच्चाई का पर्दाफाश
घटना के तत्काल बाद मौके पर पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों ने घटनास्थल पर पहुंचकर मौका मुआयना किया था. इस घटना के खुलासे के लिए जायस पुलिस के साथ-साथ एसओजी टीम और सर्विलांस टीम को लगा दिया था.
जांच के दौरान फोन कॉल, रिश्ते, पैसों के लेन-देन से लेकर हर कड़ी जोड़ी गई. मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में जब सच सामने आया, तो खुद पुलिसकर्मी भी सिहर उठे.

