अलीगढ़। रोरावर क्षेत्र में आठ जून को 16 वर्षीय किशोरी शाजिया की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में करीब दो माह बाद नया मोड़ आ गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोदकर शव बाहर निकाला गया। सभी की निगाहें पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी की मौत बीमारी से हुई थी या उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई थी।
किशोरी के स्वजन ने बीमारी से मौत होने का कारण बताते हुए शव को दफना दिया था। हालांकि, शव को कब्रिस्तान ले जाते समय कफन से खून टपकने का दावा कुछ स्थानीय लोगों ने किया था। इसी आधार पर शाहजमाल निवासी दुलारे मियां ने पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और डीआइजी से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
लगातार शिकायतें मिलने और मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अश्वनी कुमार ने कब्र की खुदाई के आदेश दिए। शनिवार दोपहर सिटी मजिस्ट्रेट अतुल कुमार गुप्ता की मौजूदगी में कब्र खोदी गई। पूरी कार्रवाई और पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई।
लगभग दो माह बीत जाने के कारण शव काफी हद तक सड़-गल चुका था। शव को निकालने के बाद तत्काल पोस्टमार्टम गृह भेज दिया गया। कब्र की खुदाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग कब्रिस्तान के बाहर पहुंच गए।
एहतियात के तौर पर पुलिस ने कब्रिस्तान का मुख्य गेट बंद कर दिया। किसी को अंदर नहीं जाने दिया। दोपहर 12:10 बजे खुदाई शुरू हुई और करीब 12:55 बजे शव बाहर निकाल लिया गया।
जिलाधिकारी के आदेश पर सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र की खुदाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। इस दौरान मृतका के पिता और शिकायतकर्ता दोनों पक्ष मौजूद रहे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मौत सामान्य थी या हत्या का मामला है।
संजीव कुमार शर्मा, सीओ प्रथम
