संचार नाउ। सेक्टर-153 में प्राइवेट बिल्डर ACE पर पिछले लगभग ढाई वर्षों से लगातार स्वच्छ भूजल दोहन करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत के अनुसार, बिल्डर द्वारा जमीन के नीचे मौजूद प्राकृतिक स्वच्छ पानी को बड़े पैमाने पर निकाला जा रहा है और सैकड़ों पंपों के जरिए उसे नालों में बहाकर बर्बाद किया जा रहा है। यह भी आरोप है कि इसी भूजल का उपयोग निर्माण कार्य में किया गया, जो नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
करप्शन फ्री इंडिया के संस्थापक प्रवीण भारतीय ने बताया कि इस मामले को लेकर भूजल विभाग और जिला प्रशासन को कई बार शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव में प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होना विभाग और बिल्डर के बीच संभावित साठगांठ की ओर इशारा करता है।
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि इसी तरह अनियंत्रित भूजल दोहन जारी रहा, तो आने वाले समय में क्षेत्र में जल संकट गहरा सकता है। पहले ही नोएडा के कई इलाकों में भूजल स्तर 600 से 700 फीट तक नीचे जा चुका है, जिससे पानी की किल्लत के शुरुआती संकेत दिखाई देने लगे हैं।
लोगों की मांग है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की हो रही इस क्षति को रोका जा सके और भविष्य में संभावित जल संकट से बचा जा सके।
