देहरादून में आपूर्ति व्यवस्था को लेकर उच्चस्तरीय बैठक

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देहरादून। वैश्विक परिस्थितियों के बीच गैस, पेट्रोल-डीजल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के लिए उत्तराखंड शासन ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित बैठक में सभी प्रमुख सचिवों, पुलिस महानिदेशक, मंडल आयुक्तों, जिलाधिकारियों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, जिला पूर्ति अधिकारियों तथा ऑयल कंपनियों के अधिकारियों ने भाग लिया।

बैठक में एलपीजी के नोडल अधिकारी स्वर्ण सिंह ने बताया कि घरेलू गैस की आपूर्ति फिलहाल लगभग सामान्य है और अस्पतालों व शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने भी स्थिति को सामान्य बताया।

जिलाधिकारियों ने अवगत कराया कि अधिकांश जनपदों में घरेलू गैस की आपूर्ति सामान्य है, हालांकि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की आपूर्ति अपेक्षाकृत कम है। इस पर मुख्य सचिव ने ऑयल कंपनियों को शासन की नई एसओपी के अनुसार व्यावसायिक सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल का स्टॉक पर्याप्त है और सभी जिलों में आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है। कृषि विभाग ने भी जानकारी दी कि उर्वरक की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।

मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों को उर्वरक का निर्धारित सीमा के भीतर वितरण सुनिश्चित करने और किसी भी तरह के दुरुपयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा को देखते हुए भी गैस आपूर्ति की विशेष समीक्षा की गई। रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, टिहरी और पौड़ी के जिलाधिकारियों ने बताया कि 19 अप्रैल 2026 से चारधाम यात्रा शुरू हो रही है, जिसके चलते व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की अतिरिक्त मांग होगी। इस पर मुख्य सचिव ने भारत सरकार को अतिरिक्त एलपीजी आवंटन का प्रस्ताव भेजने और यात्रा मार्गों पर पिछले वर्ष से अधिक सिलेंडरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पर्यटन विभाग को जिलाधिकारियों से समन्वय कर वास्तविक मांग का प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

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बैठक में गैस के विकल्प के रूप में लकड़ी, सोलर ऊर्जा, पिरूल ब्रिकेट्स, इंडक्शन और बायोफ्यूल के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए योजनाएं बनाने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) के विस्तार की समीक्षा करते हुए बताया गया कि राज्य के सभी जिलों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क कंपनियों को एनओसी मिल चुकी है और तेजी से पाइपलाइन बिछाने तथा कनेक्शन देने का कार्य चल रहा है। जिलाधिकारियों को इसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और गैस व उर्वरक की तस्करी रोकने के निर्देश दिए। साथ ही खाड़ी देशों में रह रहे अप्रवासी उत्तराखंडियों की सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर जारी करने पर भी जोर दिया गया।

बैठक में एक सुझाव के तहत शादी-समारोहों के लिए व्यावसायिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई। इस पर मुख्य सचिव ने विवाह के अवसर पर दो अस्थायी गैस कनेक्शन जारी करने के निर्देश ऑयल कंपनियों को दिए।

बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने जिलाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों को एलपीजी और ईंधन की सप्लाई चेन की लगातार समीक्षा करने तथा नियमित प्रवर्तन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव खाद्य एल. फैनई, प्रमुख सचिव ऊर्जा आर. मीनाक्षी सुन्दरम, सचिव गृह शैलेश बगौली, आयुक्त गढ़वाल मंडल विनय शंकर पाण्डेय, सचिव खाद्य आनन्द स्वरूप सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि कुमाऊं मंडल आयुक्त व जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

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