जॉर्डन में नौकरी के नाम पर सैकड़ों लोगों से करोड़ों की ठगी, ऑफिस बंद कर भागे; गहने गिरवी रख और लोन लेकर दी थी फीस

Sanchar Now
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नोएडा: नोएडा में जॉर्डन में जॉब दिलाने का सपना दिखा सैकड़ों लोगों से करीब 10 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों को ठगी के बारे में उस वक्त पता चला जब वे जॉर्डन जाने की तारीख पर कंपनी के ऑफिस पहुंचे। यहां कंपनी मालिक ऑफिस छोड़कर फरार हो गया था।

इसके बाद पीड़ितों ने 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। इस मामले में पीड़ित मंगलवार को भी कंपनी के सेक्टर 63 के एच-ब्लॉक स्थित ऑफिस में गए, वहां पता चला कि आरोपी कई लोगों के पासपोर्ट भी लेकर चला गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़ितों की शिकायत सुनी। डीसीपी सेंट्रल शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही हैं। कंपनी के ऑफिस को चेक किया है।

ऐप पर मिली थी कंपनी की जानकारी

इस मामले में गोरखपुर के रहने वाले दीनानाथ चौहान ने बताया कि उन्हें फॉरन जॉब सर्च ऐप पर कंपनी के बारे में जानकारी हुई थी। इसके बाद उन्होंने संपर्क किया तो जॉर्डन में जॉब ऑफर के बारे में बताया गया। शुरुआत में कंपनी का ऑफिस सेक्टर-69 में था। उन्होंने वहीं आकर रुपयों के साथ अपना पासपार्ट भी जमा किया था।

पीड़ित ने जॉब के लिए कंपनी को 70 हजार रुपये दिए थे। इसके अलावा अन्य लोगों ने भी 20 हजार से लेकर 70 हजार रुपये कंपनी को दिए हैं। उन्हें जॉर्डन में पलंबर, गार्डनर, मार्बल फ्लोर मेकर समेत अन्य काम के लिए जॉब ऑफर की थी। कंपनी ने लोगों के साथ 2 साल का कॉन्ट्रैक्ट किया था। हर महीने 800 जॉर्डन दिनार देने बात कही थी। इस हिसाब से उन्हें करीब 90 हजार रुपये महीना सैलरी मिलनी थी।

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दे दिए फर्जी डॉक्युमेंट्स

पीड़ितों के अनुसार, कंपनी ने उनकी ओर से बताए सेंटरों पर मेडिकल चेकअप कराया था। इसके बाद उन्हें एक जॉब ऑफर लेटर के साथ वीजा और जॉर्डन जाने के लिए 6 फरवरी की टिकट दी गई थी। कंपनी के मालिक और उसकी टीम के फरार होने के बाद जब उन्होंने दस्तावेज चेक कराए तो वे फर्जी निकले। आरोपियों ने फर्जी तरीके से एक पेपर पर प्रिंट निकालकर उन्हें ये कागजात दे दिए थे।

नोएडा में फुटपाथ पर बिताए कई दिन

एक पीड़ित ने बताया कि उन्हें विदेश जाने के लिए 6 फरवरी की टिकट दी गई थी। यहां आने पर उन्हें जानकारी मिली कि कंपनी का ऑफिस सेक्टर-63 के एच ब्लॉक में शिफ्ट हो गया था। यहां उन्हें बताया कि अब 12 फरवरी को जाना है। जॉब के इंतजार में वह किसी तरह से नोएडा में यहां-वहां रहे। कुछ को फुटपाथ पर रात बितानी पड़ी। इसके बाद जब मंगलवार को कंपनी के दफ्तर गए तो वह बंद मिला। बिल्डिंग से स्टॉफ ने ऑफिस बंद होने की जानकारी दी। इस दौरान कुछ लोगों के पासपोर्ट तो वहां मिल गए, लेकिन कई के पासपोर्ट लेकर आरोपी फरार हो गया है।

किसी ने लिया कर्ज तो कई ने गहने गिरवी रखे

गोरखपुर के दीनानाथ चौहान का कहना है, मुझे जब इस जॉब के बारे में जानकारी मिली तो कंपनी ने मुझसे 70 हजार रुपये लिए। इस दौरान जॉर्डन में रहने और खाने के खर्च के बाद हर महीने 70 हजार रुपये तक मिलने की जानकारी दी गई थी। मैंने कंपनी को रुपये देने के लिए कई परिचितों से पैसे उधार लिए थे। अब कंपनी बंद हो गई है तो कर्ज उतारने की टेंशन हो रही है।

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इसी तरह आरा, बिहार के महावीर महतो बोले, जॉर्डन में बेहतर जॉब ऑप्शन के चक्कर में मैंने पत्नी की कुछ जूलरी को गिरवी रखकर कंपनी को रुपये दिए थे। कंपनी से वीजा के साथ साथ फ्लाइट की टिकट भी दी गई थी। अब पता चल रहा है कि कंपनी फर्जी थी। अब मैं किस मुंह से घर लौटूंगा।

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