अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में AIMIM के जिलाध्यक्ष यामीन खान अब्बासी के एक विवादित बयान को लेकर मामला तूल पकड़ गया है। सड़क पर ईद की नमाज पढ़ने की अनुमति मांगने और कांवड़ यात्रा से जुड़े श्रद्धालुओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। मामला धार्मिक भावनाओं, सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से जुड़ा होने के कारण संवेदनशील बन गया है।
सड़क पर नमाज की मांग से शुरू हुआ विवाद
जानकारी के मुताबिक 21 मई को अलीगढ़ जिला कलेक्ट्रेट गेट पर AIMIM जिलाध्यक्ष यामीन खान अब्बासी ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए ईदगाह के सामने वाली सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी थी। उन्होंने तर्क दिया कि जब कांवड़ यात्रा के दौरान रूट डायवर्ट किए जाते हैं और सड़कें बंद होती हैं, तो ईद की नमाज के लिए भी सड़क उपयोग की अनुमति दी जानी चाहिए।
कांवड़ियों पर टिप्पणी
आरोप है कि इसी दौरान यामीन खान अब्बासी ने कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। शिकायत के मुताबिक कांवड़ियों को ‘नशेड़ी’ और ‘गंजेड़ी’ कहकर संबोधित किया गया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं और विवाद गहरा गया।
VHP की शिकायत पर दर्ज हुआ मुकदमा
इस पूरे मामले में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के महानगर प्रखंड मंत्री गौरव महेश्वरी ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि AIMIM नेता के बयान से सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश हुई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस जांच के दायरे में बयान और प्रदर्शन
शिकायत के अनुसार 21 मई को कलेक्ट्रेट गेट पर हुए प्रदर्शन के दौरान सड़क पर नमाज पढ़ने की चेतावनी और आंदोलन की बात भी कही गई। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि बयान और प्रदर्शन के दौरान क्या कहा गया और क्या इससे किसी प्रकार से शांति व्यवस्था प्रभावित हुई।
सामाजिक सौहार्द-कानून-व्यवस्था पर फोकस
यह मामला अब सिर्फ एक बयान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि धार्मिक संवेदनशीलता और सामाजिक संतुलन से जुड़ा मुद्दा बन गया है। पुलिस और प्रशासन पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं ताकि कानून-व्यवस्था पर किसी तरह का असर न पड़े।
