नोएडा के फेज-3 थाना क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, यहां पर एक युवती ने एक युवक पर धर्म छिपाकर दोस्ती करते हुए धोखा देने, फिर दुष्कर्म करने और फिर लाखों रुपए ठगने का आरोप लगाया है। वहीं इस मामले में शुरुआती कार्रवाई में पुलिस की भी लापरवाही सामने आई है, जिसके बाद बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है। पुलिस कमिश्नर ने लापरवाही बरतने वाले थाना प्रभारी और महिला दरोगा को निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 17 मार्च 2026 को फेज-3 थाने में इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। लेकिन बाद में समीक्षा के दौरान पाया गया कि केस में कुछ जरूरी धाराएं नहीं लगाई गई थीं। इसमें उत्तर प्रदेश धर्म परिवर्तन कानून और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं शामिल नहीं थीं। इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने थाना प्रभारी पुनीत कुमार और केस की जांच कर रहीं उपनिरीक्षक प्रीति गुप्ता को तुरंत सस्पेंड कर दिया। साथ ही पूरे मामले की जांच एडीसीपी को सौंप दी गई।
सोशल मीडिया के जरिए हुई दोस्ती, युवक ने धर्म छुपाया
पीड़िता ने बताया कि वह मूल रूप से मध्य प्रदेश की रहने वाली है और पिछले कुछ सालों से नोएडा में नौकरी कर रही है। करीब दो साल पहले उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए एक युवक से हुई। युवक ने खुद को लड़की के धर्म का ही बताया और शादी का वादा किया। धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे लिव-इन में रहने लगे। आरोप है कि इसी दौरान युवक ने युवती का आपत्तिजनक वीडियो बना लिया।
युवती को ब्लैकमेल कर लाखों ऐंठे, पोल खुलने पर भाग गया
लड़की का आरोप है कि बाद में उसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर आरोपी युवक ने युवती से कई बार दुष्कर्म किया और उससे लाखों रुपए भी ऐंठ लिए। कुछ समय पहले युवती को पता चला कि युवक ने अपनी पहचान और धर्म के बारे में झूठ बोला था। सच्चाई सामने आने पर युवती ने विरोध किया और पुलिस में शिकायत करने की बात कही, जिसके बाद आरोपी नोएडा छोड़कर फरार हो गया।
पुलिस ने मदद नहीं की तो हिंदू संगठन आगे आए
पीड़िता का कहना है कि वह पिछले एक महीने से पुलिस के पास शिकायत लेकर जा रही थी, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही थी। बाद में वह एक हिंदू संगठन के संपर्क में आई। मंगलवार शाम बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में फेज-3 थाने पहुंचे और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने जानबूझकर कार्रवाई में देरी की और महिला उपनिरीक्षक ने पीड़िता के साथ अभद्रता भी की।
पुलिस ने दिया आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का भरोसा
मामले की सूचना मिलते ही एसीपी मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब सही धाराओं के साथ केस की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश जारी है। साथ ही, पुलिसकर्मियों की लापरवाही की भी जांच की जा रही है, ताकि आगे ऐसी गलती दोबारा न हो।
