लखीमपुर खीरी : जिले के मैलानी थाना क्षेत्र में आंबेडकर जयंती के मौके पर तनाव फैल गया. यहां अंबेडकर प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद हटाए जाने से नाराज लोगों ने जमकर उपद्रव किया. पुलिस के मुताबिक, प्रतिमा की स्थापना विवादित जमीन पर की जा रही थी. ग्रामीणों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दी और हंगामा किया. आक्रोशित भीड़ ने सरकारी वाहनों में तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव और मारपीट भी की. अफवाहों के चलते पुलिस पर हुए पथराव के बाद डीएम और एसपी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला.
प्रतिमा स्थापना को लेकर बढ़ा विवाद: लखीमपुर खीरी में आंबेडकर जयंती के अवसर पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की मूर्ति स्थापना को लेकर एक ही समाज के दो गुटों के बीच विवाद हो गया. झड़प के बाद जिला प्रशासन ने स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है. वर्तमान में डीएम और एसपी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हुए हैं. क्षेत्र में शांति एवं सामान्य स्थिति बनी हुई है और कानून-व्यवस्था पूरी तरह प्रशासन के नियंत्रण में है.
भीम आर्मी और दूसरे पक्ष में झड़प: हालात पर लगातार सतर्क नजर रखी जा रही है ताकि कोई दोबारा माहौल न बिगाड़ सके. अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) अमित कुमार राय ने बताया कि भीम आर्मी के कार्यकर्ता एक स्थान पर बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर रहे थे. इसी दौरान उसी समाज के दूसरे पक्ष ने इस स्थान पर स्थापना का विरोध किया. देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच छीना-झपटी हुई और मामला हिंसक झड़प में बदल गया.
पुलिस पर पथराव: इसी विवाद के दौरान कुछ लोगों ने अफवाहों से भ्रमित होकर मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों पर पथराव कर दिया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल और पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग तत्काल बल के साथ पहुंचे. साथ ही एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह और एएसपी पवन गौतम ने भी मोर्चा संभाला और भीड़ को तितर-बितर किया. प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अब पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक कड़ी कर दी गई है.
अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई: अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) ने बताया कि एक ही समाज के लोगों के बीच हुई इस घटना का फायदा कुछ अराजक तत्व उठाना चाह रहे थे. ये लोग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें पुलिस ने सख्त चेतावनी दी है. पुलिस बल लगातार गश्त कर रहा है और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है तथा किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पर्याप्त रिजर्व पुलिस बल तैनात किया गया है.
मामला मैलानी थाना क्षेत्र के बांकेगंज कस्बे के ग्रन्ट नम्बर 10 स्थित मोतीपुर गांव का है. मिली जानकारी के अनुसार, आंबेडकर जयंती के अवसर पर गांव में भंडारे का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में ग्राम प्रधान वीरेंद्र गौतम समेत कई ग्रामीण मौजूद थे. बताया जा रहा है कि प्रधान के जाने के बाद ग्रामीणों ने वहां आंबेडकर प्रतिमा स्थापित कर दी.
ग्रामीणों का आरोप है कि बांकेगंज निवासी एक महिला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं और प्रतिमा हटाने की कार्रवाई की. आरोप है कि इसी दौरान मूर्ति खंडित हो गई. वहां मौजूद महिलाओं ने इसका विरोध जताया और आरोप लगाया कि पुलिस ने लाठीचार्ज किया. खबर फैलते ही गांव में आक्रोश फैल गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए.
गुस्साए ग्रामीणों ने कुकरा-बांकेगंज रोड को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. हालात उस समय और बिगड़ गए, जब आक्रोशित भीड़ ने महिला के साथ मारपीट कर दी. पुलिस ने किसी तरह घेरा बनाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला.
इसी दौरान भीड़ ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कई सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ कर दी. सूचना मिलते ही सीओ गोला रमेश तिवारी, तहसीलदार और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लेने का प्रयास शुरू किया. पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिस स्थान पर प्रतिमा स्थापित की जा रही थी, वह विवादित भूमि है और इसके लिए कोई आधिकारिक अनुमति नहीं ली गई थी. पुलिस के अनुसार, नियमों के तहत प्रतिमा हटाने की कार्रवाई की जा रही थी, इसी दौरान स्थिति बिगड़ गई.
फिलहाल गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन, ग्राम प्रधान, ग्रामीणों व राजस्व विभाग के बीच बातचीत जारी है, ताकि मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सके. अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी अमित कुमार राय ने बताया कि भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की घटना हुई है, लेकिन अब स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में शांति कायम है. मामले की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी.
