नई दिल्ली: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के ऑफिस का विवाद थमता नजर नहीं रहा है। अबतक उनके चार अतिरिक्त निजी सचिवों को हटा दिया गया है। हालिया हटाए गए अतिरिक्त निजी सचिव (APS) का नाम सिद्धार्थ यादव है। भूपेंद्र यादव के ऑफ़िस से चार लोगों को अचानक हटाया जाना बड़े सवाल खड़े कर रहा है। यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय (PMO) तक पहुंच गया है।
भूपेंद्र यादव की टीम में बीते साल शामिल हुए थे सिद्धार्थ
द इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, सिद्धार्थ यादव ने 1 जुलाई, 2024 को भूपेंद्र यादव के बतौर अतिरिक्त निजी सचिव जॉइन किया था। सिद्धार्थ यादव को ‘तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया’।
तीन निजी सचिव भूपेंद्र यादव के पिछले मंत्रालय से जुड़े थे
- बीते शुक्रवार को भूपेंद्र यादव के चारों अहम सहयोगियों को हटा दिया गया, जिनमें प्राइवेट सेक्रेटरी अमर सिंह और एडिशनल प्राइवेट सेक्रेटरी शैलेश कुमार सिंह और आयुष सरन शामिल हैं।
- इनमें से आखिरी तीन यादव के ऑफिस से तब से जुड़े हैं जब वे पिछली बार श्रम और रोजगार मंत्री थे। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की ओर से ट्रांसफर/हटाने के आदेश इसके बाद जारी किए गए।
केंद्र सरकार ने नहीं दिया कोई बयान
- हालांकि केंद्र सरकार ने इन तबादलों की वजहों पर अब तक कोई बयान नहीं दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंची गंभीर शिकायतों को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इनकी वजह से इन चार सहयोगियों को तुरंत हटा दिया गया।
- मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि इन कर्मचारियों के पास फैसले लेने की काफी ताकत आ गई थी और उन्होंने कुछ ऐसे काम किए जिन्हें अपनी हद से ज्यादा दखलअंदाजी माना गया। भूपेंद्र यादव ने इस फेरबदल पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
अमित शाह के साथ मंच किया था शेयर
भूपेंद्र यादव ने मंगलवार को दिल्ली सरकार के 70 लाख पेड़ लगाने के अभियान की शुरुआत के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच साझा किया था।
