भाजपा के युवा नेता की हत्या: ब्लॉक प्रमुखपति ने अविश्वास प्रस्ताव लाने से रोकने के लिए 30 लाख रुपए की दी थी सुपारी, 2 गिरफ्तार

Sanchar Now
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मुरादाबाद. उत्तर प्रदेश पुलिस ने बीजेपी नेता अनुज चौधरी की हत्या का खुलासा किया है. पुलिस ने वर्तमान ब्लॉक प्रमुख के बेटे सहित दो लोगों को इस केस में गिरफ्तार किया है, वहीं तीन आरोपी अभी फरार हैं जिनकी पुलिस तलाश कर रही है. मुरादाबाद के थाना मझोला इलाके के पॉश हाउसिंग सोसाइटी में 10 अगस्त की शाम बाईक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने भाजपा नेता अनुज चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. घटना को अंजाम देकर बदमाश आराम से फरार हो गए थे.

मौके पर पहुंची पुलिस ने बीजेपी नेता की हत्या के मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी. पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई वैसे-वैसे भाजपा नेता की हत्या में नए-नए खुलासे होते गए. अनुज चौधरी की हत्या के लिए 30 लाख रुपए की सुपारी बदमाशों से तय की गयी थी. हत्या करने वाले बदमाशों को 6 लाख रुपए बतौर एडवांस भी दे दिए गए थे. इसके बाद बदमाशों ने 30 दिन की लंबी प्लानिंग के बाद अनुज चौधरी की हत्या कर दी थी जिसका पुलिस ने खुलासा कर दिया है.

मुरादाबाद के एसएसपी हेमराज मीणा ने बताया कि अनुज सिंह संभल जनपद के एचौड़ा कंबो गांव के निवासी थे और वह मुरादाबाद के थाना मोझला इलाके के पार्श्वनाथ अपार्टमेंट में रहते थे. अनुज सिंह का वर्ष 2016 में मुरादाबाद के जीके डिग्री कॉलेज में छात्र संघ के चुनाव के दौरान हत्या आरोपियों से विवाद हो गया था जिसमें अनुज चौधरी को बार-बार जान से मारने की धमकियां मिलती रहती थी. इस पर जनपद संभल पुलिस ने अनुज चौधरी को दो सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराए थे. इसके साथ ही अनुज चौधरी अपने निजी सुरक्षा गार्ड्स भी साथ लेकर चलते थे.

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वर्ष 2021 में ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव के लिए अनुज चौधरी चुनावी मैदान में थे तो वहीं एक हत्या आरोपी प्रभाकर चौधरी की पत्नी भी ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ रही थी, और वो ब्लॉक प्रमुख पद का चुनाव जीत भी गई थी. इस हार के बाद अनुज चौधरी की हत्या आरोपियों से और ज़्यादा रंजिश बढ़ गई थी. 2022 में अनुज चौधरी हत्या आरोपी प्रभाकर की ब्लॉक प्रमुख पत्नी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए, लेकिन शासनादेश की वजह से वह अविश्वास प्रस्ताव लागू नहीं हो सका. इसके बाद 2023 में फिर अनुज सिंह ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले थे. इसको लेकर हत्या आरोपियों ने साजिश करके पहले सुपारी लेकर हत्या करने वाले शातिर बदमाशों से संपर्क किया.

साजिश रचने वालों ने शूटर्स को उसी हाउसिंग सोसाइटी में किराए पर फ्लैट दिलाया जिसमें अनुज चौधरी रहते थे. सुपारी किलर एक महीने तक अनुज सिंह की हत्या करने के लिएं मौके को तलाशते रहे, लेकिन अनुज सिंह के साथ हर समय निजी व सरकारी सुरक्षा गार्ड तैनात रहते थे. 10 अगस्त की शाम 6 बजे अनुज चौधरी के निजी सुरक्षा गार्ड अनिल की तबीयत खराब थी इसीलिए वह ड्यूटी पर नहीं आया था, वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस का सुरक्षा गार्ड अनुज सिंह के फ्लैट में बैठा हुआ था. उसी अपार्टमेंट में पहले से किराए पर फ्लैट लेकर रह रहे हत्यारों को ये सही मौका लगा.

हत्यारों ने बाइक पर सवार होकर परिसर में चहल कदमी कर रहे अनुज चौधरी के उपर कई राउंड फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी और फरार हो गए. मुरादाबाद पुलिस का दावा है कि अनुज चौधरी की हत्या के लिए 30 लाख रुपए की सुपारी बदमाशों से तय की और हत्या करने वाले बदमाशों को 6 लाख रुपए बतौर एडवांस भी दे दिए. इसके बाद बदमाशों ने 30 दिन की लंबी प्लानिंग के बाद अनुज चौधरी की हत्या कर दी. पुलिस ने इस केस में दो हत्या आरोपी अनिकेत और नीरज पाल को गिरफ्तार कर लिया है.

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अनिकेत मौजूदा  ब्लॉक प्रमुख का पुत्र है. बाकी तीन अन्य हत्या आरोपी सूर्यकांत, सुशील शर्मा, आकाश उर्फ़ गटवा अभी फरार हैं. पुलिस का दावा है जल्दी ही उन्हें भी गिरफ्तार कर इस हत्याकांड की और ज़्यादा गहराई से जांच कर खुलासा किया जाएगा.

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