निक्की भाटी केस में आया भावनात्मक मोड़: समझौते के बाद बदलेंगे रिश्ते, बच्चों के भविष्य को लेकर बनी सहमति

Sanchar Now
4 Min Read

दहेज हत्या के आरोपों से चर्चा में आए मामले में अब सुलह की राह

संचार नाउ। सिरसा गांव की चर्चित निक्की भाटी मौत मामले में अब बड़ा और भावनात्मक मोड़ सामने आया है। दहेज हत्या और घरेलू विवाद के गंभीर आरोपों के बीच महीनों तक सुर्खियों में रहे इस केस में अब दोनों परिवारों के बीच समझौता हो गया है। पंचायत और पारिवारिक स्तर पर हुई लंबी बातचीत के बाद विवाद को खत्म करने की दिशा में सहमति बन गई है।

बताया जा रहा है कि दोनों पक्ष अब बच्चों के भविष्य और परिवारों के रिश्तों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ना चाहते हैं। इसी के तहत कोर्ट में एफिडेविट देकर केस वापस लेने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

21 अगस्त 2025 को हुई थी निक्की भाटी की संदिग्ध मौत

गौरतलब है कि 21 अगस्त 2025 को सिरसा गांव में 26 वर्षीय निक्की भाटी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई थी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।

निक्की के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि दहेज और घरेलू विवाद के चलते उनकी बेटी की हत्या की गई है। मामले ने तूल पकड़ते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पति विपिन भाटी समेत ससुराल पक्ष के कई लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

पढ़ें  फर्जी कंपनी बनाकर 6 करोड रुपए की धोखाधड़ी करने के दो आरोपी गिरफ्तार, 12 लाखों की नकदी सहित अन्य सामान बरामद।

इस घटना ने क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा, दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसे मुद्दों को लेकर बड़ी बहस छेड़ दी थी।

पंचायत के बाद बनी सहमति, बच्चों के नाम होगी संपत्ति

जानकारी के मुताबिक करीब 20 दिन पहले दोनों परिवारों और ग्रामीणों के बीच पंचायत हुई थी। कई दौर की बातचीत और समझाइश के बाद समझौते का रास्ता निकाला गया।

समझौते के तहत निक्की के बच्चों के नाम संपत्ति किए जाने और परिवार को आर्थिक सहयोग देने पर सहमति बनी है। परिवार का कहना है कि बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करना अब उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

सूत्रों के मुताबिक समझौते में यह भी तय हुआ है कि परिवारों के बीच रिश्तों को दोबारा सामान्य करने की कोशिश की जाएगी ताकि बच्चों पर विवाद का असर कम पड़े।

निक्की की बहन कंचन जाएगी ससुराल

इस मामले का सबसे भावनात्मक पहलू यह माना जा रहा है कि समझौते के तहत निक्की की बहन कंचन को दोबारा ससुराल भेजने पर भी सहमति बनी है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत ने परिवारों के रिश्ते टूटने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश की है। हालांकि इस फैसले को लेकर गांव और सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

कोर्ट में एफिडेविट देकर केस वापस लेने की तैयारी

परिजनों का कहना है कि समझौते के बाद अब अदालत में एफिडेविट दाखिल कर केस वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। हालांकि मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है और अंतिम फैसला न्यायालय के स्तर पर ही होगा।

कानूनी जानकारों का कहना है कि ऐसे मामलों में कोर्ट सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेता है।

पढ़ें  यमुना प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई: 1200 करोड़ की 300 एकड़ भूमि कब्जा मुक्त, अवैध कॉलोनियों पर चला बुल्डोज़र

समझौते पर बंटी लोगों की राय

निक्की भाटी केस में हुए इस समझौते को लेकर लोगों की राय भी बंटी हुई नजर आ रही है। कुछ लोग इसे बच्चों के भविष्य और सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए सही कदम बता रहे हैं, जबकि कई लोग इसे न्याय और महिला सुरक्षा के मुद्दे से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं।

क्षेत्र में अब इस बात की चर्चा तेज है कि आखिर इतने बड़े मामले में अचानक समझौते की नौबत क्यों आई और आने वाले समय में इसका क्या असर देखने को मिलेगा।

Share This Article
Follow:
Sanchar Now is Digital Media Platform through which we are publishing international, national, states and local news mainly from Western Uttar Pradesh including Delhi NCR through Facebook, YouTube, Instagram, Twitter and our portal www.sancharnow.com
Leave a Comment