ग्रेटर नोएडा की बिसरख थाना पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए हाथी दांत की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है. टीम ने एक सटीक सूचना के आधार पर छापेमारी कर दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 1.45 किलो (1450 ग्राम) वजन का हाथी दांत बरामद हुआ है.
सटीक सूचना और घेराबंदी से जाल में फंसे तस्कर
बाजार में इस बरामद हाथी दांत की अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये आंकी जा रही है. रविवार शाम को हुई इस अहम कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है. बिसरख थाने के प्रभारी मुनेंद्र सिंह ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को मुखबिर के जरिए तस्करी की एक गुप्त सूचना मिली थी. इसी इनपुट पर कार्रवाई करते हुए रविवार को पुलिस और वन विभाग की टीम ने गौर सिटी-दो इलाके में न्यू हैबतपुर कब्रिस्तान के पास एक खाली प्लॉट पर जाल बिछाया.
टीम की अचानक हुई इस छापेमारी को देखकर दोनों आरोपी पूरी तरह हक्के-बक्के रह गए. उन्होंने मौके से भागने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस की योजनाबद्ध घेराबंदी के चलते वे भागने में सफल नहीं हो सके और उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया गया. पकड़े गए आरोपियों की पहचान बुलंदशहर जिले के जहांगीराबाद निवासी राजेंद्र और गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी निवासी संदीप के रूप में हुई है. पुलिस के मुताबिक, संदीप वर्तमान में बस्ती जिले के रुधौली इलाके में रह रहा था.
गिरोह के नेटवर्क और ग्राहकों की तलाश में जुटी पुलिस
आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस इस पूरे तस्करी नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि तस्कर यह बेशकीमती हाथी दांत कहां से लेकर आए थे और इसे किस व्यक्ति को सप्लाई किया जाना था. इसके साथ ही इस अवैध धंधे में शामिल गिरोह के अन्य सदस्यों और पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाला जा रहा है. गौरतलब है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हाथी दांत की भारी मांग होती है. इसका अवैध इस्तेमाल मुख्य रूप से महंगे आभूषण, सजावटी वस्तुएं और कुछ खास तरह की दवाइयां बनाने में किया जाता है. इसी कारण इसकी विदेशों में भी बड़े पैमाने पर तस्करी होती है. फिलहाल पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से खत्म करने के लिए हर एंगल से मामले की तहकीकात में जुटी हुई है.
